उत्तर प्रदेश

लखनऊ में बीज कारोबारियों पर सख्ती, लाइसेंस खतरे में

Saba Naaz
22 July 2026 5:57 PM IST
लखनऊ में बीज कारोबारियों पर सख्ती, लाइसेंस खतरे में
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लखनऊ। जिले के बीज उत्पादकों, प्रसंस्करण इकाइयों और बीज विक्रेताओं के लिए कृषि विभाग ने बड़ा निर्देश जारी किया है। अब सभी बीज कारोबारियों को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के ‘साथी’ पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। विभाग ने इसके लिए 31 जुलाई तक की समय सीमा तय की है। निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण नहीं कराने वाले बीज विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित या रद्द किए जा सकते हैं।

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बीज आपूर्ति प्रणाली में पारदर्शिता लाना और नकली व अमानक बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है। ‘साथी’ पोर्टल के माध्यम से बीज उत्पादन से लेकर किसानों तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे बीजों की गुणवत्ता की निगरानी आसान होगी और किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने बताया कि जिले के सभी निजी और सहकारी बीज प्रसंस्करण केंद्रों, बीज उत्पादकों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था बीज कारोबार को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए लागू की जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान बीज विक्रेताओं को कई जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इनमें बीज लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, जीएसटी विवरण और प्रतिष्ठान से जुड़े अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं। विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से कारोबारी पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन बीज विक्रेताओं का पंजीकरण समय सीमा के भीतर पूरा नहीं होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कारोबारियों के लाइसेंस को निलंबित करने या निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। विभाग का कहना है कि इससे केवल वैध और प्रमाणित बीजों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।

दरअसल, किसानों के सामने अक्सर नकली और खराब गुणवत्ता वाले बीजों की समस्या आती है। ऐसे बीजों के कारण फसल उत्पादन प्रभावित होता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार की नई डिजिटल व्यवस्था से बीजों की बिक्री और वितरण पर निगरानी बढ़ेगी। हर स्तर पर रिकॉर्ड उपलब्ध होने से किसी भी शिकायत की जांच करना भी आसान होगा।

‘साथी’ पोर्टल के जरिए बीज कारोबारियों की पूरी जानकारी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इससे विभाग को यह पता लगाने में आसानी होगी कि कौन सा बीज कहां से तैयार हुआ, किस माध्यम से बाजार तक पहुंचा और किन किसानों तक पहुंचाया गया।

कृषि अधिकारियों ने सभी बीज कारोबारियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द पोर्टल पर पंजीकरण पूरा कर लें। विभाग ने कहा है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित बीज मिल सकें।

लखनऊ जिले में बीज कारोबार से जुड़े सभी लोगों को अब नई डिजिटल व्यवस्था के अनुसार काम करना होगा। विभाग का मानना है कि इस पहल से बीज बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध बिक्री पर रोक लगेगी और किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

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