उत्तर प्रदेश

Muzaffarnagar में अवैध अस्पताल पर शिकंजा, अफीफा हॉस्पिटल की सेवाएं बंद

Ratna Netam
15 July 2026 5:20 PM IST
Muzaffarnagar  में अवैध अस्पताल पर शिकंजा, अफीफा हॉस्पिटल की सेवाएं बंद
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Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : जनपद में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत बुधवार को बुढ़ाना कस्बे में संचालित अफीफा हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर विभाग ने अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) को सील कर दिया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर की। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार और डॉ. महक सिंह ने बुधवार को अफीफा हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आईं।

निरीक्षण के समय अस्पताल में कोई भी पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पाया कि अस्पताल में न तो कोई एमबीबीएस चिकित्सक था और न ही बीएएमएस चिकित्सक मौके पर मौजूद था। अस्पताल की संचालिका ही वहां उपस्थित मिलीं, लेकिन वह अस्पताल संचालन से संबंधित वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं।

अधिकारियों के अनुसार, किसी भी अस्पताल के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण, योग्य चिकित्सकों की उपलब्धता और निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य होता है। अफीफा हॉस्पिटल में इन नियमों का पालन नहीं पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

निरीक्षण में मिली गंभीर अनियमितताओं की जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एसडीएम बुढ़ाना को दी। इसके बाद तहसील प्रशासन और पुलिस बल के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की गई। अधिकारियों की मौजूदगी में अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर और एनआईसीयू को सील कर दिया गया। साथ ही अस्पताल का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालकों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में ऐसे सभी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों की जांच की जा रही है, जो बिना अनुमति या मानकों के विपरीत संचालित हो रहे हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि बिना वैध पंजीकरण, आवश्यक सुविधाओं और योग्य चिकित्सकों के किसी भी स्वास्थ्य संस्थान का संचालन मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी अस्पताल या क्लीनिक को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिलेभर में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे इलाज के लिए अस्पताल का चयन करते समय उसकी मान्यता और चिकित्सकों की योग्यता की जानकारी जरूर लें।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सा संस्थानों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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