उत्तर प्रदेश

आईजीआरएस लापरवाही पर सख्ती, 11 अभियंताओं का वेतन रोका

Kavita2
22 Aug 2026 5:48 PM IST
आईजीआरएस लापरवाही पर सख्ती, 11 अभियंताओं का वेतन रोका
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प्रयागराज। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और मनमानी पर प्रयागराज जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान कई मामलों में गंभीर अनियमितताएं पकड़ीं। शिकायतों का मौके पर जाकर समाधान करने के बजाय दफ्तर में बैठकर ही निस्तारण किए जाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के 11 अधिशासी अभियंताओं का अगस्त माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित संगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पर दर्ज शिकायतों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक पर विशेष ध्यान दिया गया।

असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों पर जताई नाराजगी

समीक्षा के दौरान सामने आया कि बिजली विभाग के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जल निगम और कृषि विभाग से संबंधित शिकायतों में असंतुष्ट फीडबैक के मामले अपेक्षाकृत अधिक हैं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से पूछा कि जिन शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, उनमें शिकायतकर्ता संतुष्ट क्यों नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान करना और उसे संतुष्ट करना ही निस्तारण की सही कसौटी है।

मौके पर जाने के बजाय दफ्तर से निस्तारण

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मौके पर जाने के बजाय कार्यालय में बैठकर ही निस्तारण की कार्रवाई कर रहे हैं। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान नहीं हो पा रहा है और बाद में असंतुष्ट फीडबैक सामने आ रहा है।

डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की खानापूर्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। शिकायत के विषय और उसकी प्रकृति के अनुसार अधिकारी को मौके पर जाकर स्थिति की जांच करनी होगी और इसके बाद ही उचित कार्रवाई करनी होगी।

11 अधिशासी अभियंताओं का वेतन रोका

बिजली विभाग की शिकायतों की समीक्षा में अनियमितता सामने आने पर जिलाधिकारी ने विभाग के 11 अधिशासी अभियंताओं का अगस्त महीने का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इन अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को अब हल्के में नहीं लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को यह बताना होगा कि शिकायतों के निस्तारण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया और शिकायतकर्ताओं की ओर से असंतुष्ट फीडबैक क्यों प्राप्त हुआ।

चार अन्य विभागों के अधिकारियों पर भी कार्रवाई

समीक्षा बैठक के दौरान केवल बिजली विभाग ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों की कार्यप्रणाली पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। चार अन्य विभागों के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

समाज कल्याण विभाग, पीडब्ल्यूडी, जल निगम और कृषि विभाग से जुड़ी शिकायतों में असंतुष्ट फीडबैक के प्रकरण सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

शिकायतकर्ता की संतुष्टि जरूरी

जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस शासन की ओर से आम लोगों की शिकायतों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में इस व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायत मिलने के बाद उसके तथ्यों की गंभीरता से जांच की जाए। यदि शिकायत मौके पर जाकर जांच किए जाने की मांग करती है तो संबंधित अधिकारी स्वयं या अधीनस्थ अधिकारी को मौके पर भेजकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराएं।

उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत के निस्तारण के बाद संबंधित शिकायतकर्ता से फीडबैक प्राप्त किया जाए और यदि वह असंतुष्ट है तो उसके कारण को समझकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

खानापूर्ति करने वालों पर होगी कार्रवाई

डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आईजीआरएस पर सिर्फ औपचारिक जवाब अपलोड करके शिकायत को बंद करने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में यह पाया जाता है कि शिकायत का निस्तारण बिना मौके पर गए या वास्तविक समस्या का समाधान किए कर दिया गया है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस सख्ती का उद्देश्य आईजीआरएस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और आम लोगों को उनकी शिकायतों का वास्तविक समाधान उपलब्ध कराना है।

समयबद्ध निस्तारण पर जोर

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने शिकायतों के निस्तारण की समयसीमा का पालन करने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में देरी होने से आम लोगों का प्रशासन के प्रति विश्वास प्रभावित होता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।

प्रयागराज प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण से जुड़े अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। बिजली विभाग के 11 अधिशासी अभियंताओं का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई यह संकेत देती है कि प्रशासन अब कागजी निस्तारण के बजाय शिकायतों के वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण समाधान पर जोर दे रहा है।

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