उत्तर प्रदेश

नकली और नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार

Ratna Netam
19 July 2026 8:33 PM IST
नकली और नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार
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Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने नकली और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने बिना लाइसेंस संचालित तीन अवैध गोदामों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नारकोटिक्स और अन्य एलोपैथिक दवाएं बरामद की हैं। जब्त की गई दवाओं की कुल कीमत करीब 1.13 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद अवैध दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

एफएसडीए मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर मिली गोपनीय सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, 16 जुलाई से 18 जुलाई तक गोंडा जिले के बरियारपुरवा सोनार गली और बड़गांव क्षेत्र में लगातार तीन दिनों तक छापेमारी की गई। इस अभियान में नौ जिलों के औषधि निरीक्षकों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया।

जांच के दौरान टीम को पता चला कि कुछ स्थानों पर बिना किसी वैध लाइसेंस के दवाओं का भंडारण और बिक्री की जा रही थी। इसके बाद अधिकारियों ने तीन अलग-अलग गोदामों पर पहुंचकर जांच शुरू की। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद हुईं। इनमें नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के साथ-साथ कई अन्य एलोपैथिक दवाएं भी शामिल थीं।

एफएसडीए अधिकारियों के मुताबिक, इन गोदामों में दवाओं को रखने और कारोबार करने के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। बरामद दवाओं के संबंध में दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद टीम ने सभी दवाओं को जब्त कर लिया और आगे की जांच शुरू कर दी।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस अवैध कारोबार का मुख्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि अवैध तरीके से नशीली दवाओं का कारोबार समाज के लिए गंभीर खतरा है। ऐसी दवाओं का गलत इस्तेमाल लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। इसी को देखते हुए एफएसडीए लगातार ऐसे कारोबारियों के खिलाफ अभियान चला रहा है।

विभाग ने बताया कि छापेमारी के दौरान बरामद दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में दवाएं नकली या मानकों के विपरीत पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में शामिल अधिकारियों ने बताया कि अवैध दवा कारोबार पर रोक लगाने के लिए आने वाले दिनों में भी अभियान जारी रहेगा। विभाग की नजर उन सभी स्थानों पर है जहां बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण या बिक्री किए जाने की संभावना है।

गोंडा में हुई इस बड़ी कार्रवाई से जिले में अवैध दवा कारोबार करने वालों में डर का माहौल है। प्रशासन ने साफ किया है कि लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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