उत्तर प्रदेश

राम मंदिर प्रसाद बताकर बेची जा रही थी मिठाई Amazon पर कसा शिकंजा

Ratna Netam
20 Aug 2026 9:35 PM IST
राम मंदिर प्रसाद बताकर बेची जा रही थी मिठाई Amazon पर कसा शिकंजा
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अयोध्या : श्री राम मंदिर के नाम पर कथित तौर पर भ्रामक तरीके से प्रसाद बेचने के मामले में ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन पर कार्रवाई हुई है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने अमेजन सेलर सर्विसेज पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि अमेजन के प्लेटफॉर्म पर कुछ मिठाइयों को ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से बेचा जा रहा था, जबकि इसके लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी।
इस मामले के सामने आने के बाद उपभोक्ता अधिकारों और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है। CCPA ने माना कि इस तरह की लिस्टिंग से ग्राहकों को यह भ्रम हो सकता है कि यह प्रसाद सीधे अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़ा हुआ है।
अमेजन पर क्यों हुई कार्रवाई
दरअसल, अमेजन के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कुछ विक्रेताओं द्वारा ऐसी मिठाइयां सूचीबद्ध की गई थीं, जिनके नाम में ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इससे ग्राहकों को यह आभास हो सकता था कि यह उत्पाद राम मंदिर से प्राप्त आधिकारिक प्रसाद है।
जांच के दौरान उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने पाया कि इन उत्पादों के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कोई अधिकृत मंजूरी नहीं थी। इसके बाद CCPA ने इसे भ्रामक विज्ञापन और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला मामला माना।
धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला
राम मंदिर देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में मंदिर के नाम, प्रसाद या धार्मिक पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल संवेदनशील विषय माना जाता है।
CCPA ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां उपभोक्ताओं की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाने वाली हो सकती हैं। प्राधिकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचे जाने वाले उत्पादों की जानकारी सही और स्पष्ट हो।
अमेजन ने हटाई लिस्टिंग
मामला सामने आने और CCPA की कार्रवाई के बाद अमेजन ने संबंधित उत्पादों की लिस्टिंग हटा दी। कंपनी से भविष्य में धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े उत्पादों की जांच को और मजबूत करने की अपेक्षा जताई गई है।
ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर लाखों उत्पाद उपलब्ध होते हैं, ऐसे में उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होती है। उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि कंपनियों को विक्रेताओं की ओर से किए जा रहे दावों की जांच करनी चाहिए।
ग्राहकों को भी सतर्क रहने की जरूरत
इस मामले के बाद विशेषज्ञों ने ग्राहकों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी धार्मिक वस्तु या विशेष पहचान वाले उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी प्रामाणिकता, विक्रेता की जानकारी और उत्पाद विवरण की जांच करना जरूरी है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आकर्षक नाम और दावे कई बार ग्राहकों को प्रभावित करते हैं, लेकिन हर दावा सही हो यह जरूरी नहीं है।
उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा पर जोर
CCPA की कार्रवाई को उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डिजिटल बाजार के बढ़ने के साथ ऑनलाइन विज्ञापनों और उत्पाद दावों की निगरानी भी जरूरी हो गई है।
सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि कंपनियां ग्राहकों को सही जानकारी दें और किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार से बचें।
आगे कंपनियों के लिए संदेश
इस कार्रवाई से ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए भी एक संदेश गया है कि प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध उत्पादों की जिम्मेदारी केवल विक्रेताओं तक सीमित नहीं है। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर गलत या भ्रामक जानकारी के आधार पर बिक्री न हो।
धार्मिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से जुड़े उत्पादों के मामले में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
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