उत्तर प्रदेश

आंगन धंसा युवती की दर्दनाक मौत

Kavita2
28 Aug 2026 4:07 PM IST
आंगन धंसा युवती की दर्दनाक मौत
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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के महाराजपुर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया। पुरवामीर गांव में बारिश के बीच घर के आंगन की जमीन अचानक धंस गई और देखते ही देखते 18 वर्षीय युवती यशी परिवार के सामने ही गहरे गड्ढे में समा गई।

हादसा इतना भयावह था कि परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही युवती जमीन के अंदर चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। रक्षाबंधन की तैयारियों में जुटे परिवार में अचानक मातम छा गया।

परिवार की आंखों के सामने जमीन में समा गई यशी

जानकारी के अनुसार, महाराजपुर के पुरवामीर गांव निवासी किसान विनोद सविता की 18 वर्षीय बेटी यशी शुक्रवार सुबह घर में मौजूद थी।

बताया जा रहा है कि वह बाथरूम से निकलकर आंगन की ओर आई थी। इसी दौरान तेज आवाज के साथ अचानक आंगन की जमीन धंस गई।

पलभर में वहां गहरा गड्ढा बन गया और यशी उसमें गिर गई। परिवार के लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन ऊपर से मिट्टी गिरने के कारण वह दब गई।

चीख सुनकर दौड़े परिजन

हादसे के समय परिवार के लोग घर में ही मौजूद थे। अचानक जमीन धंसने की तेज आवाज सुनकर सभी लोग मौके पर पहुंचे।

परिजनों के अनुसार, गड्ढे में गिरते समय यशी ने एक बार चीख लगाई थी। इसके बाद मिट्टी गिरने से वह दिखाई नहीं दी।

परिवार के लोग बदहवास होकर उसे बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण तत्काल उसे बाहर नहीं निकाला जा सका।

एनडीआरएफ और पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई।

रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। गड्ढे की गहराई काफी अधिक होने के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं।

टीम ने मशीनों की मदद से खुदाई शुरू की और लगातार युवती की तलाश की।

करीब आठ घंटे तक चले अभियान के बाद आखिरकार एनडीआरएफ और पुलिस टीम ने यशी का शव बाहर निकाला।

20 से 25 फीट गहराई में चला अभियान

रेस्क्यू टीम को करीब 20 से 25 फीट गहराई तक खुदाई करनी पड़ी।

बारिश और मिट्टी के लगातार खिसकने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना रहा।

इसके बावजूद टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान जारी रखा और युवती को बाहर निकालने का प्रयास किया।

हालांकि, काफी देर तक दबे रहने के कारण उसकी मौत हो चुकी थी।

रक्षाबंधन की खुशियां बदलीं मातम में

हादसे के बाद विनोद सविता के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

परिवार रक्षाबंधन पर्व की तैयारियों में जुटा था, लेकिन कुछ ही देर में खुशियां मातम में बदल गईं।

यशी की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।

ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई और प्रशासन से मदद की मांग की।

बारिश से कमजोर हुई जमीन बनी वजह

प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण जमीन कमजोर हो गई थी, जिसके चलते आंगन का हिस्सा अचानक धंस गया।

प्रशासन की टीम घटना के कारणों की जांच कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि इलाके में ऐसी जगहों की पहचान की जाएगी, जहां बारिश के कारण जमीन धंसने का खतरा हो सकता है।

प्रशासन ने परिवार को मदद का भरोसा दिया

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली और परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में कमजोर और संदिग्ध स्थानों पर जाने से बचें।

गांव में पसरा सन्नाटा

पुरवामीर गांव में इस हादसे के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।

जिस घर में रक्षाबंधन की खुशियां मनाने की तैयारी हो रही थी, वहां अब शोक का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।

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