उत्तर प्रदेश

गोसाईगंज थाने में CCTV बंद होने पर अदालत का बड़ा एक्शन

nidhi
29 Aug 2026 10:08 AM IST
गोसाईगंज थाने में CCTV बंद होने पर अदालत का बड़ा एक्शन
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CCTV पुलिस कमिश्नर से मांगी गई रिपोर्ट

लखनऊ : गोसाईगंज थाने में 10 दिनों तक CCTV कैमरे बंद रहने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए पुलिस कमिश्नर लखनऊ से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही थाने के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

मामला एक लूट के आरोपी की जमानत याचिका से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए और थाने के CCTV फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की। कोर्ट के निर्देश पर जब फुटेज मांगा गया तो पता चला कि संबंधित अवधि में थाने के कैमरे काम नहीं कर रहे थे।
CCTV बंद होने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
अदालत ने पाया कि गोसाईगंज थाने के CCTV कैमरे 13 अगस्त से कई दिनों तक बंद रहे और इस दौरान रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं थी। कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि पुलिस थानों में CCTV व्यवस्था सुचारु रखना जरूरी है। न्यायालय ने कहा कि CCTV कैमरे केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
लूट मामले में मांगा गया था फुटेज
यह मामला लूट के आरोपी चंचल यादव उर्फ लाला की जमानत याचिका से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी पर लाखों रुपये की लूट का आरोप है। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए थाने के CCTV फुटेज की मांग की थी। लेकिन फुटेज नहीं मिलने के बाद अदालत ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा।
थानाध्यक्ष और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
कोर्ट ने CCTV कैमरों के रखरखाव और खराब होने की जानकारी समय पर नहीं देने को लेकर भी नाराजगी जताई। अदालत ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए और रिपोर्ट पेश की जाए।
थानों में CCTV को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
पुलिस थानों में CCTV कैमरों की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी निर्देश जारी कर चुका है। कोर्ट ने थानों में लगे कैमरों के सही तरीके से संचालन, रखरखाव और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर जोर दिया है।
अब कार्रवाई पर नजर
गोसाईगंज थाने में CCTV बंद रहने के मामले में अब पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। अदालत के रुख के बाद पुलिस विभाग में भी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

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