उत्तर प्रदेश

चकबंदी आदेश ऑनलाइन कराने के नाम पर 50 हजार रिश्वत लेते पेशकार गिरफ्तार

Kavita2
8 Sept 2026 5:23 PM IST
चकबंदी आदेश ऑनलाइन कराने के नाम पर 50 हजार रिश्वत लेते पेशकार गिरफ्तार
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मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबंदी विभाग के एक पेशकार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पेशकार चकबंदी में चल रहे मुकदमे के आदेश को ऑनलाइन कराने के नाम पर किसान से 50 हजार रुपये की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी पेशकार को लेकर सिविल लाइंस थाने पहुंची, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद चकबंदी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

कई वर्षों से चल रहा था जमीन का मुकदमा

जानकारी के अनुसार, मूंढापांडे क्षेत्र के गांव गनेशघाट निवासी किसान ओमवीर सिंह का जमीन से जुड़ा एक मुकदमा चकबंदी विभाग में कई वर्षों से चल रहा था।

बताया जा रहा है कि इस मामले का निस्तारण 17 अप्रैल को हो चुका था, लेकिन आदेश को अभी तक ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया था। किसान लगातार आदेश ऑनलाइन कराने के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क कर रहा था।

किसान का आरोप है कि जब उसने चकबंदी कार्यालय में तैनात पेशकार सुभाषचंद्र से संपर्क किया तो उन्होंने आदेश को ऑनलाइन कराने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।

किसान ने एंटी करप्शन टीम से की शिकायत

रिश्वत की मांग से परेशान किसान ओमवीर सिंह ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच की और कार्रवाई की योजना तैयार की।

एंटी करप्शन अधिकारियों ने शिकायत की पुष्टि करने के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसके तहत किसान को तय योजना के अनुसार रिश्वत की रकम लेकर पेशकार के पास भेजा गया।

तय योजना के तहत हुई कार्रवाई

मंगलवार को करीब साढ़े तीन बजे किसान ओमवीर सिंह रुपये लेकर पेशकार के पास पहुंचे। जैसे ही किसान ने आरोपी पेशकार को रिश्वत की रकम दी, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे पकड़ लिया।

टीम ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली। अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

एंटी करप्शन टीम ने आरोपी पेशकार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद उसे सिविल लाइंस थाने ले जाया गया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी

एंटी करप्शन विभाग समय-समय पर सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के खिलाफ अभियान चलाता रहता है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी काम के बदले अवैध धन की मांग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में भी शिकायत मिलने के बाद टीम ने पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की, जिससे आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा जा सका।

किसान को मिली राहत

किसान ओमवीर सिंह का कहना है कि जमीन से जुड़े मामले का आदेश पहले ही हो चुका था, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि आदेश को ऑनलाइन कराने के लिए उनसे रिश्वत मांगी गई। इसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया।

अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद किसान को उम्मीद है कि उसके मामले में आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकेगी।

विभागीय कर्मचारियों में मचा हड़कंप

चकबंदी विभाग के पेशकार की गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारी अब पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं।

एंटी करप्शन टीम आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा सकती है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की रिश्वत मांग या लेनदेन में शामिल रहा है।

आगे की जांच जारी

फिलहाल आरोपी पेशकार से पूछताछ जारी है। टीम मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत की मांग केवल इसी मामले तक सीमित थी या अन्य लोगों से भी इस तरह की वसूली की जा रही थी।

एंटी करप्शन अधिकारियों ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सरकारी काम में बाधा डालने या रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत को सामने ला दिया है।

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