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श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। चुनावी तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों ने जनसभाओं, बैठकों और सदस्यता अभियानों के माध्यम से अपना आधार मजबूत करना शुरू कर दिया है। नेताओं के एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाने का सिलसिला भी तेज हो रहा है। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित हाजी दद्दन खां ने असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम का दामन थाम लिया। हालांकि पार्टी में शामिल होने के साथ ही उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
श्रावस्ती जिले के भिनगा क्षेत्र में आयोजित एआईएमआईएम के शक्ति प्रदर्शन और रोड शो को लेकर हाजी दद्दन खां तथा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की अनुमति लिए बिना रोड शो निकाला और बड़ी संख्या में वाहनों एवं समर्थकों के साथ सार्वजनिक मार्ग पर शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित होने और लोगों को असुविधा होने की बात भी सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक हाजी दद्दन खां के एआईएमआईएम में शामिल होने के बाद पार्टी की ओर से भिनगा में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद कार्यकर्ताओं ने वाहनों के काफिले के साथ रोड शो निकाला। समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए पार्टी और नेताओं के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। इस प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुईं।
प्रशासन का आरोप है कि सार्वजनिक मार्ग पर इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। रोड शो के कारण यातायात प्रभावित होने और कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एफआईआर में शौकत अली और हाजी दद्दन खां सहित कुछ लोगों को नामजद किया गया है। इसके अतिरिक्त लगभग 50 से 60 अज्ञात कार्यकर्ताओं का भी उल्लेख होने की बात कही गई है। हालांकि नामजद लोगों की अंतिम संख्या की पुष्टि एफआईआर की आधिकारिक प्रति से ही की जा सकती है।
इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। हाजी दद्दन खां लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी से जुड़े रहे और स्थानीय स्तर पर पार्टी का प्रमुख चेहरा माने जाते थे। बसपा से निष्कासन के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। एआईएमआईएम में शामिल होकर उन्होंने इन अटकलों पर विराम लगा दिया। माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें क्षेत्र में अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने की जिम्मेदारी दे सकती है।
एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी सक्रियता बढ़ा रही है। पार्टी विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या प्रभावशाली मानी जाती है। पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ अवध क्षेत्र के विभिन्न जिलों में भी संगठन के विस्तार की कोशिश की जा रही है। श्रावस्ती और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी नए स्थानीय चेहरों को अपने साथ जोड़कर चुनावी जमीन तैयार करना चाहती है।
हाजी दद्दन खां का पार्टी में प्रवेश इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। स्थानीय राजनीति में प्रभाव रखने वाले नेताओं को शामिल कर एआईएमआईएम अपने संगठन को मजबूती देने का प्रयास कर रही है। हालांकि सदस्यता कार्यक्रम के तुरंत बाद दर्ज हुई एफआईआर ने इस राजनीतिक आयोजन को विवादों में ला दिया है। अब यह मामला केवल दल-बदल तक सीमित नहीं रहा बल्कि प्रशासनिक अनुमति और सार्वजनिक व्यवस्था से भी जुड़ गया है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम, जुलूस या रोड शो के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेना आवश्यक है। बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों को एकत्र करने से यातायात तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई है। जांच के दौरान कार्यक्रम से जुड़े वीडियो, तस्वीरों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा सकता है।
दूसरी ओर राजनीतिक कार्यक्रमों पर होने वाली ऐसी कार्रवाई को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो सकते हैं। एआईएमआईएम की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। पार्टी का पक्ष मिलने के बाद यह साफ होगा कि कार्यक्रम की अनुमति के लिए कोई आवेदन दिया गया था या नहीं और रोड शो को लेकर स्थानीय आयोजकों को क्या निर्देश दिए गए थे।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने राजनीतिक दलों को कार्यक्रम करने की अनुमति देने के साथ यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती होगी। वहीं दलों और नेताओं को भी सभा, जुलूस तथा रोड शो आयोजित करने से पहले निर्धारित प्रशासनिक नियमों का पालन करना होगा।
फिलहाल हाजी दद्दन खां का एआईएमआईएम में शामिल होना और उसके तुरंत बाद उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होना जिले की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है। इस मामले में आगे की स्थिति पुलिस की जांच और संबंधित नेताओं के बयान के बाद स्पष्ट होगी। बिना अनुमति रोड शो के आरोप में शौकत अली और दद्दन खां समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में हुई है।





