- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- दो महीने बाद फिर शुरू...
दो महीने बाद फिर शुरू हुआ मेट्रो के तीन पिलरों का निर्माण, यमुना पर 200 करोड़ से बन रहा पुल

आगरा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने यमुना नदी पर बन रहे मेट्रो पुल के तीन पिलरों का निर्माण करीब दो महीने बाद फिर शुरू कर दिया है। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इन पिलरों पर काम रोकना पड़ा था। अब नदी का जलस्तर तेजी से कम होने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया है। यमुना नदी पर करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से मेट्रो पुल का निर्माण किया जा रहा है।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक करीब 16 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। इस कॉरिडोर पर कुल 14 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। कॉरिडोर का ट्रैक शहर के प्रमुख एमजी रोड से होकर गुजरेगा और यमुना नदी को पार करेगा। इसी के लिए नदी पर विशेष मेट्रो पुल बनाया जा रहा है।
जलस्तर बढ़ने से रोकना पड़ा था काम
मानसून के दौरान यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। एक समय नदी का जलस्तर करीब 149 मीटर तक पहुंच गया था। इसके कारण नदी के भीतर बनाए जा रहे तीन पिलरों पर काम करना मुश्किल हो गया था।
निर्माण स्थल पर पानी का स्तर बढ़ने के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन पिलरों का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। करीब दो महीने तक इन पर निर्माण कार्य प्रभावित रहा।
अब यमुना का जलस्तर कम होने के बाद यूपीएमआरसी की टीम ने दोबारा काम शुरू कर दिया है। निर्माण कार्य शुरू होने से परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है।
सात पिलर बनकर तैयार
यमुना नदी पर प्रस्तावित मेट्रो पुल के सात पिलरों का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। शेष पिलरों में से तीन का काम नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रभावित हुआ था।
अब इन तीनों पिलरों पर काम दोबारा शुरू होने के बाद यूपीएमआरसी की टीम निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाने में जुट गई है।
नदी के बीच निर्माण कार्य तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। जलस्तर, पानी के बहाव और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए काम किया जाता है। इसलिए मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर काम की रफ्तार प्रभावित होना स्वाभाविक है।
200 करोड़ रुपये से बन रहा मेट्रो पुल
यमुना नदी पर मेट्रो ट्रेन को पार कराने के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया जा रहा है। यह आगरा मेट्रो परियोजना के महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में शामिल है।
पुल के तैयार होने के बाद मेट्रो ट्रेन यमुना नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक आसानी से पहुंच सकेगी। इससे आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच प्रस्तावित कॉरिडोर को जोड़ने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
मेट्रो पुल के निर्माण में विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, क्योंकि संरचना को नदी के बहाव और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार करना होता है।
आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक कॉरिडोर
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक बन रहा मेट्रो कॉरिडोर करीब 16 किलोमीटर लंबा होगा। इस मार्ग पर कुल 14 स्टेशन बनाए जाने की योजना है।
कॉरिडोर शहर के कई प्रमुख इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। ट्रैक एमजी रोड से होकर भी गुजरेगा, जो आगरा के व्यस्ततम मार्गों में शामिल है।
कॉरिडोर के तैयार होने से शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।
एमजी रोड से होकर गुजरेगी मेट्रो
आगरा के प्रमुख एमजी रोड से मेट्रो ट्रैक गुजरने के कारण यह कॉरिडोर शहर के यातायात के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एमजी रोड पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है।
मेट्रो सेवा उपलब्ध होने के बाद यात्रियों को सड़क परिवहन के अलावा एक अतिरिक्त सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहर के रेलवे स्टेशन, आवासीय क्षेत्रों, बाजारों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के बीच संपर्क को मजबूत करेगा।
मानसून ने प्रभावित की निर्माण की रफ्तार
यमुना नदी में मानसून के दौरान पानी बढ़ने से पुल के निर्माण पर सीधा असर पड़ा। नदी का जलस्तर 149 मीटर तक पहुंचने के कारण तीन पिलरों के आसपास काम करने की परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं।
ऐसे में निर्माण एजेंसी को करीब दो महीने तक काम रोकना पड़ा। नदी का जलस्तर कम होने का इंतजार किया गया ताकि सुरक्षित तरीके से निर्माण फिर शुरू किया जा सके।
अब पानी कम होने के बाद निर्माण टीम दोबारा सक्रिय हो गई है।
सुरक्षा मानकों के साथ चल रहा निर्माण
नदी के भीतर पिलर बनाने के दौरान श्रमिकों और मशीनों की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती है। तेज बहाव या अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति निर्माण स्थल पर जोखिम पैदा कर सकती है।
इसी कारण जलस्तर अधिक होने पर काम रोकने का फैसला लिया गया था। अब परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद निर्माण शुरू किया गया है।
काम के दौरान नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखना भी जरूरी होगा, ताकि अचानक बदलाव होने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
निर्माण को तेजी से पूरा करने पर जोर
दो महीने तक काम प्रभावित रहने के बाद अब यूपीएमआरसी की टीम के सामने निर्माण की गति बढ़ाने की चुनौती है। तीन पिलरों पर काम शुरू होने के बाद पुल का शेष ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
पिलर तैयार होने के बाद उनके ऊपर पुल के अन्य हिस्सों और ट्रैक से संबंधित संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।
मेट्रो पुल का निर्माण पूरा होना आगरा कैंट-कालिंदी विहार कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
शहर को मिलेगा बेहतर सार्वजनिक परिवहन
आगरा देश के प्रमुख पर्यटन शहरों में शामिल है। यहां स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए मेट्रो परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेट्रो के विस्तार से रेलवे स्टेशन और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। इसके साथ ही व्यस्त सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
फिलहाल यमुना नदी का जलस्तर कम होने के बाद तीन पिलरों का निर्माण दोबारा शुरू होना परियोजना के लिए महत्वपूर्ण कदम है। पहले से तैयार सात पिलरों के बाद अब शेष निर्माण को आगे बढ़ाया जा रहा है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह पुल आगरा मेट्रो के 16 किलोमीटर लंबे आगरा कैंट-कालिंदी विहार कॉरिडोर का अहम हिस्सा बनेगा।





