उत्तर प्रदेश

थाने में सिपाही ने सरकारी राइफल से खुद को मारी गोली

Kavita2
13 Sept 2026 1:14 PM IST
थाने में सिपाही ने सरकारी राइफल से खुद को मारी गोली
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हापुड़। धौलाना थाने में रविवार सुबह पहरा ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही ने कथित तौर पर अपनी सरकारी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। साथी पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल सिपाही को उपचार के लिए पिलखुवा स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक सिपाही की पहचान आशीष के रूप में हुई है। वह आगरा जिले के निबौरा थाना क्षेत्र के हीरापुरा गांव का रहने वाला था और वर्ष 2025 बैच का सिपाही बताया गया है। आशीष का स्थानांतरण होने के बाद 24 अप्रैल को धौलाना थाने में तैनाती हुई थी। रविवार सुबह उसकी पहरा ड्यूटी लगी हुई थी। इसी दौरान थाने में गोली चलने की आवाज सुनाई दी।

गोली की आवाज सुनते ही थाने में तैनात अन्य पुलिसकर्मी उस स्थान की ओर दौड़े, जहां आशीष की ड्यूटी लगी थी। वहां वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए उसे वाहन से पिलखुवा स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में शोक और हड़कंप की स्थिति बन गई। ड्यूटी के दौरान सिपाही द्वारा इस तरह का कदम उठाए जाने से उसके साथ काम करने वाले पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए। आशीष ने आत्महत्या क्यों की, इसका कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका है। उसके पास से किसी सुसाइड नोट के मिलने के संबंध में भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ड्यूटी के दौरान आशीष ने अचानक यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। घटना से पहले उसने किसी सहकर्मी से बातचीत की थी या नहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा सकती है। इसके साथ ही उसकी हाल की गतिविधियों, व्यवहार और व्यक्तिगत परिस्थितियों के बारे में भी पता लगाया जाएगा। हालांकि किसी ठोस जानकारी के बिना आत्महत्या के कारण के संबंध में अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

आशीष की तैनाती धौलाना थाने में लगभग चार महीने पहले हुई थी। 24 अप्रैल को स्थानांतरण के बाद उसने यहां कार्यभार संभाला था। रविवार सुबह सामान्य व्यवस्था के अनुसार उसकी पहरा ड्यूटी लगाई गई थी। इसी ड्यूटी के दौरान सरकारी राइफल से गोली चलने की घटना हुई। गोली कैसे चली और घटनास्थल पर उस समय क्या परिस्थितियां थीं, इन सभी तथ्यों को जांच के माध्यम से स्पष्ट किया जाएगा।

घटना के बाद थाने के संबंधित हिस्से को सुरक्षित कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। सिपाही को जारी की गई सरकारी राइफल, उसमें मौजूद कारतूस और ड्यूटी से संबंधित अभिलेख मामले की जांच में महत्वपूर्ण होंगे। इसके अलावा थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से भी घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों की जानकारी मिल सकती है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिपाही को मृत घोषित किए जाने के बाद शव को नियमानुसार पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के कारण और घटना से संबंधित चिकित्सकीय तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी। इस प्रकार के मामलों में विभागीय स्तर पर भी पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जाती है, ताकि ड्यूटी, हथियार जारी किए जाने और घटना के समय मौजूद कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी सामने आ सके।

युवा सिपाही की मौत की खबर उसके पैतृक गांव तक पहुंचने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वर्ष 2025 बैच का होने के कारण आशीष ने पुलिस सेवा में अपेक्षाकृत हाल में प्रवेश किया था। नई तैनाती के कुछ ही महीनों बाद हुई इस घटना ने परिवार, सहकर्मियों और परिचितों को झकझोर दिया है।

आत्महत्या के मामलों में अक्सर व्यक्तिगत, पारिवारिक, आर्थिक या काम से संबंधित अनेक परिस्थितियां हो सकती हैं, लेकिन आशीष के मामले में अभी किसी विशेष कारण की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस उसके मोबाइल फोन, हाल की बातचीत और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कारण जानने का प्रयास कर सकती है।

यह घटना पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और ड्यूटी के दौरान उन पर रहने वाले दबाव जैसे संवेदनशील विषयों की ओर भी ध्यान खींचती है। पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक ड्यूटी, कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी और आपात परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में समय-समय पर परामर्श, सहकर्मियों से संवाद और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है।

फिलहाल धौलाना थाने में हुई घटना के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। सिपाही आशीष ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, इसकी जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। पुलिस विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

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