उत्तर प्रदेश

गोरखपुर में सिपाही पर बर्खास्तगी की तलवार, विभागीय जांच में दोषी पाए गए श्याम सुंदर चौहान

Kavita2
8 Oct 2026 9:15 AM IST
गोरखपुर में सिपाही पर बर्खास्तगी की तलवार, विभागीय जांच में दोषी पाए गए श्याम सुंदर चौहान
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में डायल-112 में तैनात रहे सिपाही श्याम सुंदर चौहान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तेज हो गई है। एसपी क्राइम की ओर से की गई विभागीय जांच पूरी हो चुकी है और जांच में सिपाही को दोषी पाया गया है। इसके बाद पुलिस विभाग ने सिपाही के खिलाफ बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने बर्खास्तगी से संबंधित फाइल की जांच एसपी ट्रैफिक को सौंप दी है। इस जांच के पूरा होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

सिपाही के खिलाफ शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद मामला पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बन गया है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि, अभी सिपाही की बर्खास्तगी का अंतिम आदेश जारी होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

एसपी क्राइम की जांच में दोषी मिला सिपाही

जानकारी के अनुसार, श्याम सुंदर चौहान पूर्व में गोरखपुर की डायल-112 सेवा में तैनात था। उसके खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी। इस जांच की जिम्मेदारी एसपी क्राइम को सौंपी गई थी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिपाही को दोषी पाया गया है।

विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद अब उसके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सिपाही पर किस मामले में आरोप लगे थे और जांच में किन आरोपों की पुष्टि हुई है। इसलिए कार्रवाई के मूल कारण को लेकर अभी किसी तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

एसएसपी ने एसपी ट्रैफिक को सौंपी फाइल

एसपी क्राइम की जांच पूरी होने के बाद मामले में अगला कदम उठाते हुए गोरखपुर के एसएसपी ने सिपाही की बर्खास्तगी से संबंधित फाइल एसपी ट्रैफिक को सौंप दी है। एसपी ट्रैफिक को इस फाइल की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।

इस प्रक्रिया के तहत संबंधित दस्तावेजों और विभागीय जांच से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा की जानी है। एसपी ट्रैफिक की जांच पूरी होने के बाद मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। ऐसे में सिपाही के खिलाफ अंतिम कार्रवाई को लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी होना अभी बाकी है।

बर्खास्तगी की प्रक्रिया हुई शुरू

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विभागीय जांच पूरी होने के बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सिपाही को दोषी पाए जाने के बाद बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू होना उसके लिए बड़ी मुश्किल बन सकता है।

हालांकि, विभागीय जांच में दोषी पाया जाना और सेवा से बर्खास्त किया जाना दो अलग-अलग चरण हैं। मौजूदा जानकारी के अनुसार, अभी बर्खास्तगी की प्रक्रिया चल रही है। अंतिम निर्णय के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

ड्यूटी से गैरहाजिरी और राजनीतिक सक्रियता के आरोप

सामने आई जानकारी के मुताबिक, श्याम सुंदर चौहान पर लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे। आरोप है कि वह समाजवादी पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय था और संतकबीरनगर की धनघटा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था।

बताया गया है कि सिपाही को करीब तीन महीने पहले निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद उसे पुलिस लाइन में आमद करानी थी, लेकिन उसने वहां भी अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। विभागीय जांच में उसकी गैरहाजिरी और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े तथ्यों को शामिल किया गया।

1994 बैच का सिपाही है श्याम सुंदर चौहान

श्याम सुंदर चौहान मूल रूप से संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र स्थित नैना झाला गांव का निवासी है। वह 1994 बैच का सिपाही है। वर्ष 2023 में कुशीनगर से स्थानांतरण होने के बाद उसकी तैनाती गोरखपुर में डायल-112 सेवा में हुई थी।

ड्यूटी से अनुपस्थिति और राजनीतिक सक्रियता का मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों ने संबंधित आरोपों की जांच कराई, जिसके बाद अब बर्खास्तगी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

राजनीतिक गतिविधियों पर भी उठे सवाल

सरकारी सेवा में रहते हुए किसी राजनीतिक दल की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी को लेकर सेवा आचरण नियमों में प्रतिबंधात्मक प्रावधान हैं। श्याम सुंदर चौहान के मामले में भी राजनीतिक कार्यक्रमों में उसकी कथित भागीदारी विभागीय जांच का हिस्सा बनी।

हालांकि, किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी करना और चुनाव के लिए आधिकारिक उम्मीदवार घोषित होना अलग-अलग बातें हैं। अभी श्याम सुंदर चौहान के किसी राजनीतिक दल से उम्मीदवार घोषित किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

अब शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट

गोरखपुर पुलिस प्रशासन ने मामले में विभागीय जांच के बाद अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी ट्रैफिक की ओर से बर्खास्तगी संबंधी फाइल की जांच पूरी किए जाने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

फिलहाल सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच में दोष सिद्ध होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन बर्खास्तगी का अंतिम आदेश जारी होना बाकी है। ऐसे में आगामी निर्णय के बाद ही उसकी सेवा से संबंधित स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

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