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- दोस्ती के पीछे छिपी...

गाजियाबाद: इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में कारोबारी विवाद को लेकर हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। गुरुग्राम के रेस्टोरेंट संचालक विजय शर्मा ने अपने ही दोस्त और कारोबारी साथी अमित सैनी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद आरोपी ने खुद पुलिस को सूचना देकर मामले को दूसरा रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की जांच में उसकी कहानी संदिग्ध लगी और उसे हिरासत में ले लिया गया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात करीब एक बजे विजय शर्मा ने पुलिस को सूचना दी कि हिंडन-कनावनी रोड पर बाइक सवार दो बदमाशों ने उसके दोस्त अमित सैनी को गोली मार दी है। सूचना मिलते ही इंदिरापुरम पुलिस मौके पर पहुंची। वहां एक कार में युवक का शव मिला। शव चालक के बराबर वाली सीट पर पड़ा था और उसका सिर डैशबोर्ड पर टिका हुआ था। जांच में सामने आया कि अमित के सिर के पीछे गोली मारी गई थी। कार के अंदर खून के कुछ निशान भी मिले।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मौके पर मौजूद विजय शर्मा से पूछताछ शुरू की। विजय ने बताया कि वह गुरुग्राम सेक्टर-5 का रहने वाला है और शीतला माता मंदिर के पास रेस्टोरेंट चलाता है। मृतक अमित सैनी भी गुरुग्राम में ही रेस्टोरेंट संचालक था। दोनों लंबे समय से दोस्त थे और एक ही क्षेत्र में कारोबार करते थे।
विजय ने पुलिस को बताया कि अमित को गाजियाबाद में किसी व्यक्ति से पैसे लेने थे, इसलिए दोनों कार से यहां आए थे। रास्ते में कनावनी-हिंडन रोड पर उसने लघुशंका के लिए कार रोकी। इसी दौरान वह कार से बाहर चला गया और बाइक सवार दो बदमाश पहुंचे। कथित तौर पर बदमाशों ने अमित को धमकाया और कार में घुसकर उसके सिर में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर बदमाश फरार हो गए और विजय ने पुलिस को सूचना दी।
हालांकि पुलिस को विजय की कहानी पर संदेह हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस कार में अमित का शव मिला था, उसमें ज्यादा खून नहीं था। इसके अलावा घटनास्थल और परिस्थितियां भी विजय के बयान से मेल नहीं खा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने विजय को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की साजिश रचने की बात कबूल कर ली।
पूछताछ में विजय ने बताया कि गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर में रेस्टोरेंट का टेंडर भाटी नामक व्यक्ति के पास है। विजय ने उससे सबटेंडर लेकर पिछले तीन साल से रेस्टोरेंट चला रहा था। अमित भी वहीं रेस्टोरेंट संचालित करता था। विजय के अनुसार, अमित अक्सर उससे कहता था कि वह रेस्टोरेंट ठीक से नहीं चला पा रहा है और उसे रेस्टोरेंट दे दे, जिससे वह ज्यादा मुनाफा कमा सकता है।
कुछ समय पहले विजय के रेस्टोरेंट को मंदिर समिति की ओर से नोटिस मिला था। विजय को शक था कि यह नोटिस अमित के कहने पर जारी हुआ है और वह उसका कारोबार छीनना चाहता है। इसी कारोबारी रंजिश के चलते विजय ने अपने रेस्टोरेंट में काम करने वाले दो लोगों के साथ मिलकर अमित की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, हत्या में शामिल विजय के दोनों साथी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि आरोपी विजय को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आएंगी।
वहीं, अमित सैनी के पिता राजेंद्र सैनी ने बताया कि विजय और अमित बचपन के दोस्त थे। दोनों साथ बड़े हुए थे और उनके बीच लंबे समय से दोस्ती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय ने विश्वासघात करते हुए उनके बेटे को धोखे से गाजियाबाद बुलाया और पीछे से गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि अमित की हत्या कनावनी-हिंडन रोड पर ही की गई थी या फिर हत्या के बाद शव को वहां लाकर छोड़ा गया। साथ ही पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो सके। यह मामला दोस्ती, कारोबार और आपसी रंजिश के चलते हुई एक खौफनाक वारदात के रूप में सामने आया है।





