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Nand Gopal नंदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, न्यायालय में परिवाद दर्ज

Prayagraj प्रयागराज : उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और इलाहाबाद दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और मानहानिकारक पोस्ट प्रसारित करने के आरोप में न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है। यह मामला समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता संदीप यादव की ओर से दाखिल किया गया है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और सांसद डिंपल यादव के संबंध में कथित रूप से तथ्यहीन, भ्रामक और अपमानजनक सामग्री साझा की गई।
मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट योगेश जैन की अदालत में हुई। परिवादी की ओर से अधिवक्ता विनोद मणि त्रिपाठी ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट योगेश जैन ने परिवाद दर्ज कर लिया है। न्यायालय ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की है।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई कथित पोस्ट से संबंधित नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचा है और इससे समाज में वैमनस्य फैलने की आशंका भी उत्पन्न हो सकती है। शिकायतकर्ता ने न्यायालय से मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
न्यायालय की ओर से अब मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। निर्धारित तारीख 20 अगस्त को परिवादी संदीप यादव का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों, साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर नेताओं और राजनीतिक दलों से जुड़े बयान और पोस्ट अक्सर विवादों का कारण बनते रहे हैं। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच कई बार ऐसे मामलों में कानूनी रास्ता अपनाया जाता है।
शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के खिलाफ किसी भी तरह की भ्रामक या अपमानजनक सामग्री का प्रसार लोकतांत्रिक माहौल को प्रभावित कर सकता है। वहीं, न्यायालय में सुनवाई के दौरान ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितना आधार है और मामले में आगे किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक टिप्पणियों और पोस्ट को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहे हैं। कई मामलों में नेता और कार्यकर्ता मानहानि, आपत्तिजनक टिप्पणी और छवि खराब करने जैसे आरोपों के तहत न्यायालय का रुख कर रहे हैं। ऐसे मामलों में अदालत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर निर्णय लेती है।
फिलहाल मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से जुड़े इस मामले में न्यायालय ने परिवाद स्वीकार कर लिया है और अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है। अब सभी की नजर 20 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर रहेगी, जहां शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जाएगा और मामले की आगे की दिशा तय होगी।





