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Coaching संस्थानों का प्रदर्शन, समान नियम लागू करने की मांग

Meerut मेरठ : जनपद में कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी पर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर अब विवाद बढ़ता जा रहा है। इस कार्रवाई से नाराज कोचिंग संचालकों और शिक्षकों ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और इसे एकतरफा तथा भेदभावपूर्ण बताया है।
कोचिंग संचालकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जिन भवनों को सुरक्षा मानकों या नियमों के विपरीत बताया जा रहा है, वहां केवल कोचिंग संस्थानों पर ही कार्रवाई की जा रही है। उनका सवाल है कि उन्हीं भवनों में चल रहे अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर समान नियम लागू क्यों नहीं किए जा रहे। संचालकों ने मांग की है कि सभी के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाए ताकि किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव की स्थिति उत्पन्न न हो।ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि प्रशासन को उन सभी भवनों की प्रमाणित सूची सार्वजनिक करनी चाहिए, जो अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं। उनका तर्क है कि यदि ऐसी सूची उपलब्ध कराई जाती है तो कोचिंग संस्थान सुरक्षित और वैध भवनों में स्थानांतरित हो सकेंगे, जिससे छात्रों की पढ़ाई पर भी असर नहीं पड़ेगा।
कोचिंग संचालकों ने चिंता जताई है कि इस कार्रवाई के कारण न केवल कई संस्थानों का संचालन प्रभावित हो रहा है, बल्कि हजारों छात्रों की शिक्षा पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और ऐसे में बार-बार बदलाव से उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।संचालकों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले सभी पक्षों की स्थिति का समान रूप से मूल्यांकन किया जाए। उनका कहना है कि नियमों का पालन सभी पर एक समान रूप से लागू होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग या क्षेत्र को निशाना बनाया जाए।
इस पूरे मामले पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि माना जा रहा है कि प्रशासन इस ज्ञापन और उठाए गए मुद्दों की समीक्षा करेगा और उसके बाद आगे की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।इस घटना के बाद शहर में कोचिंग संस्थानों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या कोचिंग संचालकों की मांगों पर कोई राहत मिलती है या नहीं।





