उत्तर प्रदेश

UP. को बदनाम करने की साजिश पर सीएम योगी का करारा जवाब

Ratna Netam
5 Sept 2026 4:35 PM IST
UP. को बदनाम करने की साजिश पर सीएम योगी का करारा जवाब
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को सम्मानित करते हुए शिक्षा व्यवस्था, प्रदेश के विकास और सरकार की उपलब्धियों को लेकर बड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रतिस्पर्धा अब किसी दूसरे राज्य से नहीं बल्कि समय से है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकास की इस गति को बनाए रखते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय से हासिल करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश को बदनाम करने की साजिश में लगे हुए हैं।
शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद किया। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते बल्कि आने वाली पीढ़ियों के व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की बुनियाद होती है। जब शिक्षा व्यवस्था मजबूत होती है तो समाज अपने आप आगे बढ़ता है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले वर्षों में स्कूलों के बुनियादी ढांचे, तकनीक और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया है।
हमारी प्रतिस्पर्धा किसी से नहीं समय से है’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रतिस्पर्धा अब दूसरे राज्यों से करने की आवश्यकता नहीं है। उनके मुताबिक प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय है और लक्ष्य यह है कि विकास योजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि समय के साथ चलने वाला समाज और राज्य ही आगे बढ़ सकता है। अगर कोई व्यवस्था समय के मुताबिक खुद को नहीं बदलती तो वह पीछे रह जाती है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भी बदलती तकनीक और आधुनिक शिक्षा पद्धति के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बदलती दुनिया की जरूरतों के अनुसार तैयार करना होगा।
यूपी को बदनाम करने की साजिश का आरोप
सीएम योगी ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की छवि को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की बदलती तस्वीर कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रही और इसी कारण यूपी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बारे में गलत धारणा बनाने की कोशिश करने वालों को प्रदेश की उपलब्धियों और जमीनी बदलाव को देखना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि जिस उत्तर प्रदेश को कभी कानून-व्यवस्था, खराब बुनियादी ढांचे और विकास की धीमी गति से जोड़कर देखा जाता था, वही प्रदेश आज देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
हालांकि ‘यूपी को बदनाम करने की साजिश’ मुख्यमंत्री का राजनीतिक दावा है। उन्होंने अपने संबोधन में इसे प्रदेश की बदलती छवि और विकास कार्यों के संदर्भ में रखा।
शिक्षकों को किया सम्मानित
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने सम्मान पाने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उनका काम दूसरे शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनना चाहिए। किसी शिक्षक का सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण परंपरा का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षक की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। भारतीय परंपरा में गुरु को विशेष स्थान दिया गया है क्योंकि शिक्षक विद्यार्थी को केवल ज्ञान नहीं देता बल्कि जीवन में सही दिशा भी दिखाता है।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को किया याद
देश में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
राधाकृष्णन एक प्रसिद्ध दार्शनिक, शिक्षाविद और शिक्षक थे। शिक्षा के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए देशभर में शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई।
सीएम योगी ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का जीवन शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम माना था।
स्कूलों की तस्वीर बदलने का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा के स्कूलों में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया है।
स्कूल भवन, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर और डिजिटल शिक्षा जैसी सुविधाओं को मजबूत करने की कोशिश की गई है।
योगी सरकार अपने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ कार्यक्रम को बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश करती रही है। इस अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल का वातावरण अच्छा होगा तो बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
तकनीक के साथ बदलनी होगी शिक्षा
योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक तकनीक की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और शिक्षा व्यवस्था को भी उसी गति से बदलना होगा।
आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और नई तकनीकों का इस्तेमाल लगभग हर क्षेत्र में बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना शिक्षकों की बड़ी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक को लगातार सीखते रहना चाहिए। अगर शिक्षक नई तकनीक और ज्ञान से जुड़ा रहेगा तो वह अपने विद्यार्थियों को भी बेहतर तरीके से तैयार कर सकेगा।
शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के व्यापक उद्देश्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल नौकरी हासिल करने का साधन नहीं माना जाना चाहिए।
शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व, चरित्र और सोच का निर्माण करती है। विद्यार्थी में अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने शिक्षकों से बच्चों में राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
शिक्षक की जिम्मेदारी सबसे बड़ी
सीएम योगी ने कहा कि माता-पिता के बाद बच्चे के जीवन पर सबसे ज्यादा प्रभाव उसके शिक्षक का पड़ता है।
एक अच्छा शिक्षक किसी बच्चे की क्षमता पहचानकर उसे सही दिशा दे सकता है। कई बार साधारण परिस्थितियों से आने वाला विद्यार्थी भी शिक्षक के मार्गदर्शन से असाधारण सफलता हासिल करता है।
इसी वजह से शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी केवल स्कूल के समय तक सीमित नहीं समझनी चाहिए। उनके व्यवहार और सोच का असर विद्यार्थियों के जीवन पर लंबे समय तक रहता है।
उत्तर प्रदेश की बदली छवि का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पिछले वर्षों में तेजी से बदला है। उन्होंने एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों को प्रदेश की नई पहचान से जोड़ा।
योगी सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि बेहतर कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के कारण राज्य में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की इस यात्रा में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि उद्योग और नई अर्थव्यवस्था के लिए प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत होती है।
अगर स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे तो प्रदेश के युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे।
युवाओं को अवसर देने पर जोर
उत्तर प्रदेश देश में सबसे बड़ी युवा आबादी वाले राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की ताकत बताते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने की जरूरत है।
शिक्षा और कौशल विकास के जरिए युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जा सकता है।
सरकार का जोर पारंपरिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक और कौशल आधारित प्रशिक्षण पर भी रहा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
शिक्षा और विकास को जोड़ा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा और आर्थिक विकास को एक-दूसरे से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के बिना किसी राज्य का दीर्घकालिक विकास संभव नहीं है।
अगर स्कूलों में अच्छी शिक्षा मिलेगी तो आगे विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योगों को बेहतर विद्यार्थी और कुशल युवा मिलेंगे।
इसीलिए सरकार शिक्षा को केवल सामाजिक क्षेत्र का विषय नहीं बल्कि विकास की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है।
समय पर योजनाएं पूरी करने का संदेश
‘हमारी प्रतिस्पर्धा समय से है’ वाले बयान के जरिए मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों और अधिकारियों को भी संदेश दिया।
उनका जोर इस बात पर रहा कि विकास परियोजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खींचा जाना चाहिए। अगर कोई योजना समय पर पूरी होती है तो उसका लाभ भी लोगों को जल्दी मिलता है।
मुख्यमंत्री पहले भी सरकारी परियोजनाओं में समयबद्धता और जवाबदेही पर जोर देते रहे हैं। शिक्षक दिवस के मंच से उन्होंने इसी सोच को शिक्षा और प्रदेश के समग्र विकास से जोड़ा।
आलोचनाओं पर भी किया पलटवार
मुख्यमंत्री ने विपक्ष या आलोचकों का नाम लिए बिना उत्तर प्रदेश की छवि खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हो रहे सकारात्मक बदलावों को भी देखा जाना चाहिए। सरकार का दावा है कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश ने निवेश, बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में प्रगति की है।
दूसरी तरफ विपक्ष समय-समय पर रोजगार, भर्ती, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरता रहा है।
इस तरह मुख्यमंत्री का बयान प्रदेश के विकास को लेकर चल रही राजनीतिक बहस से भी जुड़ गया है।
विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के भविष्य को देश के विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
अगर उत्तर प्रदेश आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से तेजी से आगे बढ़ता है तो इसका सीधा असर देश की विकास यात्रा पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और समाज सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
शिक्षकों से नवाचार की अपील
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे पढ़ाने के पुराने तरीकों तक सीमित न रहें। बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए नवाचार और तकनीक का इस्तेमाल करें।
हर विद्यार्थी की सीखने की क्षमता अलग होती है। ऐसे में शिक्षक को बच्चों की जरूरत के मुताबिक पढ़ाने की पद्धति विकसित करनी चाहिए।
डिजिटल सामग्री, स्मार्ट क्लास और दूसरे आधुनिक साधन इसमें मदद कर सकते हैं, लेकिन तकनीक शिक्षक की जगह नहीं ले सकती। शिक्षक का मार्गदर्शन और मानवीय जुड़ाव शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा।
शिक्षक दिवस पर विकास का संदेश
शिक्षक दिवस के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन केवल शिक्षकों के सम्मान तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था के साथ उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, बदलती छवि और भविष्य की चुनौतियों पर भी अपनी बात रखी।
उनका सबसे प्रमुख संदेश रहा कि उत्तर प्रदेश को अब दूसरे राज्यों से तुलना करने के बजाय अपने लक्ष्य समय पर हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए।
‘हमारी प्रतिस्पर्धा समय से है’ के जरिए उन्होंने प्रदेश की विकास गति को और तेज करने की जरूरत बताई। वहीं यूपी को बदनाम करने की साजिश वाले आरोप ने उनके भाषण को राजनीतिक रंग भी दिया।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को भविष्य की पीढ़ी का निर्माता बताते हुए उनसे आधुनिक तकनीक, नवाचार और मूल्यों के साथ विद्यार्थियों को तैयार करने की अपील की।
शिक्षक दिवस पर उनका संदेश यही रहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था के बिना विकसित उत्तर प्रदेश का सपना पूरा नहीं किया जा सकता और प्रदेश को निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचाने के लिए सरकार के साथ शिक्षकों और समाज की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
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