उत्तर प्रदेश

शिक्षक दिवस पर CM योगी की पाती गुरु-शिष्य परंपरा से तकनीक तक दिया संदेश

Kavita2
7 Sept 2026 12:15 PM IST
शिक्षक दिवस पर CM योगी की पाती गुरु-शिष्य परंपरा से तकनीक तक दिया संदेश
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस और 8 सितंबर को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष पाती लिखी है। इस पाती के माध्यम से मुख्यमंत्री ने शिक्षा के महत्व, भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, तकनीकी नवाचार और भविष्य की शैक्षणिक प्राथमिकताओं को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र और समाज के निर्माण की सबसे मजबूत नींव बताते हुए कहा कि ज्ञान की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब वह व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने के साथ समाज के लिए उपयोगी साबित हो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवसर पर राष्ट्र निर्माण की नींव रखने वाले 81 गुरुजनों को सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं बताया, बल्कि उन्हें भावी पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।

मुख्यमंत्री ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुकुल समग्र शिक्षा के केंद्र हुआ करते थे। वहां विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं दिया जाता था, बल्कि जीवन मूल्यों, अनुशासन और दायित्वबोध की भी शिक्षा दी जाती थी। यही कारण है कि भारतीय परंपरा में गुरु को हमेशा अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक माना जा सकता है, जब उसका उपयोग मानव जीवन को बेहतर और सरल बनाने में हो। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो विद्यार्थी को ज्ञानवान बनाने के साथ जिम्मेदार नागरिक भी बनाए और उसमें समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का बोध विकसित करे।

मुख्यमंत्री ने आधुनिक समय में शिक्षा के बदलते स्वरूप और तकनीक की बढ़ती भूमिका का भी जिक्र किया। वर्तमान दौर में तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। डिजिटल माध्यमों और नई तकनीकों के जरिए शिक्षा की पहुंच का विस्तार हुआ है। ऐसे में आवश्यक है कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उनमें नवाचार और रचनात्मक सोच को बढ़ावा दिया जाए।

सीएम योगी ने शिक्षा और तकनीकी नवाचार के बीच संतुलन पर जोर देते हुए संकेत दिया कि भविष्य की शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक संसाधनों का उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें तेजी से बदलती दुनिया की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री की पाती में गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि एक शिक्षक विद्यार्थी को केवल विषयों का ज्ञान नहीं देता, बल्कि उसे सही दिशा दिखाने का कार्य भी करता है। शिक्षक के मार्गदर्शन से ही विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व को विकसित करते हुए जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ता है।

शिक्षक दिवस के अवसर पर 81 गुरुजनों का सम्मान भी इसी भावना को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह संदेश दिया कि मजबूत और शिक्षित समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण आधारों में से एक है।

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के संदर्भ में मुख्यमंत्री का संदेश शिक्षा को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। साक्षरता केवल पढ़ने और लिखने की क्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम भी है। शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनने और समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी करने की क्षमता प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने अपनी पाती के जरिए यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को लगातार विकसित करना होगा। पारंपरिक ज्ञान और जीवन मूल्यों को संरक्षित रखते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और नए कौशल से जोड़ना समय की जरूरत है। इससे नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहने के साथ वैश्विक स्तर पर आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार हो सकेगी।

उन्होंने शिक्षा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और समाज के अन्य वर्ग जब शिक्षा के उद्देश्य को समझते हुए मिलकर काम करते हैं, तभी एक मजबूत शैक्षणिक वातावरण का निर्माण संभव होता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पाती शिक्षक दिवस और अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के बीच शिक्षा के व्यापक महत्व को सामने लाती है। इसमें एक ओर भारत की प्राचीन गुरुकुल और गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख है, तो दूसरी ओर आधुनिक तकनीक और नवाचार को भविष्य की शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है।

सीएम योगी का संदेश है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान को समाज और राष्ट्र के हित में उपयोग करने की क्षमता विकसित करना भी होना चाहिए। जीवन मूल्यों से जुड़ी और आधुनिक तकनीक से सशक्त शिक्षा के माध्यम से ही ऐसी नई पीढ़ी तैयार की जा सकती है, जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

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