उत्तर प्रदेश

CM योगी की पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी से मुलाकात, UP की सियासत में बढ़ी हलचल

Kavita2
28 Jun 2026 10:30 AM IST
CM योगी की पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी से मुलाकात, UP की सियासत में बढ़ी हलचल
x

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अगर चुनाव तय समय पर होते हैं, तो अब केवल छह से सात महीने का ही समय बचा है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक मुलाकात ने सियासी गलियारों में चर्चा को और तेज कर दिया है।

यह मुलाकात देवरिया के पूर्व सांसद और लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी से जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद गोरखपुर पहुंचे थे। गोरखपुर पहुंचने के बाद उन्होंने अचानक श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की।

इस अचानक हुई मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मुलाकात तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसके राजनीतिक मायने निकाल रहे हैं। हालांकि अभी तक इस मुलाकात को लेकर किसी भी प्रकार की आधिकारिक राजनीतिक घोषणा नहीं की गई है।

सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात पूरी तरह से शिष्टाचार और पुराने संबंधों पर आधारित बताई जा रही है। श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर रहे हैं और बाद में राजनीति में सक्रिय हुए थे। वे देवरिया से सांसद भी रह चुके हैं और क्षेत्र में उनकी एक अलग पहचान रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर और पूर्वांचल क्षेत्र में मजबूत प्रभाव माना जाता है। ऐसे में इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से भी देखा जा रहा है, खासकर उस समय जब राज्य में चुनावी सरगर्मी बढ़ रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की मुलाकातें अक्सर महत्वपूर्ण संकेत देती हैं, हालांकि हर बार इसका सीधा राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जा सकता। लेकिन मौजूदा समय में जब सभी दल अपनी रणनीति मजबूत करने में लगे हैं, ऐसी मुलाकातें चर्चा का विषय बन जाती हैं।

भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी लगातार वरिष्ठ नेताओं, पूर्व जनप्रतिनिधियों और सामाजिक प्रभाव वाले व्यक्तियों से मुलाकात कर रहे हैं। इसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर संपर्क बढ़ाना बताया जा रहा है।

वहीं विपक्षी दलों ने इस मुलाकात पर सवाल उठाते हुए इसे चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार अब चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी है।

हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक दोनों पक्षों की ओर से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। मुलाकात को लेकर केवल सूत्रों के आधार पर ही जानकारी सामने आ रही है।

राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि पूर्वांचल की राजनीति में श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी जैसे नेताओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में उनकी सक्रियता या किसी भी राजनीतिक गतिविधि पर नजर रखना स्वाभाविक है।

इस मुलाकात ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में हर छोटी-बड़ी गतिविधि को गंभीरता से देखा जाता है, खासकर तब जब चुनाव नजदीक हों।

फिलहाल इस मुलाकात को लेकर अटकलों का दौर जारी है, लेकिन वास्तविक राजनीतिक संकेत आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएंगे।

Next Story