उत्तर प्रदेश

नवरात्रि, दशहरा और छठ पर्व को लेकर CM योगी का बड़ा निर्देश

Kavita2
10 Oct 2026 11:29 AM IST
नवरात्रि, दशहरा और छठ पर्व को लेकर CM योगी का बड़ा निर्देश
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी और छठ पर्व के मद्देनजर प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को त्योहारों के दौरान पूरी सतर्कता बरतने तथा फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रमुख देवी मंदिरों, धार्मिक स्थलों और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि नवरात्रि के दौरान प्रमुख देवी मंदिरों की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाए।

त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी और छठ पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें। अधिकारियों की फील्ड में मौजूदगी से व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और आवश्यक सुधार करने में मदद मिलेगी।

महिला सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

नवरात्रि के अवसर पर देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचती हैं। ऐसे में मंदिर परिसरों, प्रवेश और निकास द्वारों तथा आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधों की नियमित समीक्षा करें।

त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए प्रमुख जिम्मेदारी होगी।

देवी मंदिरों में 24 घंटे CCTV से निगरानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि के दौरान प्रमुख देवी मंदिरों में चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

नवरात्रि में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के कारण मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मंदिर परिसरों और आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, प्रमुख देवी मंदिरों में निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए जाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को भीड़ की स्थिति और अन्य गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।

ड्रोन कैमरों से भी रखी जाएगी नजर

मुख्यमंत्री ने प्रमुख धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से सघन निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं।

ड्रोन की मदद से बड़े क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जा सकती है। विशेष रूप से उन स्थानों पर, जहां एक साथ बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं, हवाई निगरानी सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान निगरानी व्यवस्था मजबूत रखी जाए और सुरक्षा संबंधी तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाए।

सीसीटीवी और ड्रोन के इस्तेमाल से सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को विभिन्न स्थानों की गतिविधियों पर नजर रखने में सहायता मिलेगी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहेंगे फील्ड में सक्रिय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को त्योहारों के दौरान फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी आवश्यक प्रबंध प्रभावी तरीके से लागू हों।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, पुलिस अधिकारियों को धार्मिक आयोजनों और प्रमुख स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा।

फील्ड में अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी से स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं की पहचान करने और उनका समय पर समाधान करने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी हो।

विजयादशमी और छठ पर्व की तैयारियों पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के साथ विजयादशमी और छठ पर्व के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

विजयादशमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। वहीं, छठ पर्व के दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में नदी, तालाब और अन्य जलाशयों के किनारे पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

इन आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण विषय होते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्रों की परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न होने दें।

सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी स्वयं करें। प्रमुख देवी मंदिरों में चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन के माध्यम से सघन निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद अब प्रदेश में नवरात्रि, विजयादशमी और छठ पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रमुख धार्मिक स्थलों पर निगरानी बढ़ाने के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

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