उत्तर प्रदेश

सीएम योगी का बड़ा ऐलान, कसारी-मसारी बना कृष्णपुरी, माफियाओं को दी चेतावनी

Rajeshwari Nishad
15 Oct 2026 5:23 PM IST
सीएम योगी का बड़ा ऐलान, कसारी-मसारी बना कृष्णपुरी, माफियाओं को दी चेतावनी
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को संगम नगरी प्रयागराज को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने शहर के कसारी-मसारी इलाके का नाम बदलकर कृष्णपुरी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब यह क्षेत्र कृष्णपुरी के नाम से जाना जाएगा। इसी क्षेत्र में माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगियों के कब्जे से मुक्त कराई गई लगभग 15 बीघा जमीन पर 602 फ्लैट वाला पद्मलोक अपार्टमेंट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परियोजना का विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई। करीब 191 करोड़ रुपये की लागत वाली इस आवासीय परियोजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने माफिया के खिलाफ अपनी सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि गरीबों की जमीन पर कब्जा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कसारी-मसारी का नाम बदलकर कृष्णपुरी करने की घोषणा
प्रयागराज दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कसारी-मसारी क्षेत्र को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की।उन्होंने कहा कि अब यह इलाका कृष्णपुरी के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को क्षेत्र की नई पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है।
कसारी-मसारी लंबे समय तक माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगियों की गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है।अब सरकार इसी क्षेत्र में आवासीय परियोजना विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री ने इसे कानून-व्यवस्था और विकास से जोड़कर प्रस्तुत किया।हालांकि, नाम परिवर्तन की प्रशासनिक प्रक्रिया और संबंधित सरकारी अभिलेखों में बदलाव के संबंध में अलग से औपचारिक कार्रवाई आवश्यक हो सकती है।
अतीक अहमद से मुक्त जमीन पर बनेगा पद्मलोक अपार्टमेंट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कसारी-मसारी क्षेत्र में पद्मलोक अपार्टमेंट परियोजना का भूमि पूजन किया।यह परियोजना उस सरकारी जमीन पर विकसित की जाएगी, जिसे प्रशासन ने माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगियों के कब्जे से मुक्त कराया था।सरकार का उद्देश्य इस जमीन का इस्तेमाल आवासीय सुविधाएं विकसित करने के लिए करना है।प्रयागराज विकास प्राधिकरण यानी पीडीए को इस परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।पद्मलोक अपार्टमेंट में कुल 602 फ्लैट बनाए जाने की योजना है। इससे शहर में आवास की जरूरत पूरी करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
करीब 191 करोड़ रुपये से बनेगी आवासीय परियोजना
पद्मलोक अपार्टमेंट परियोजना पर लगभग 191 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई इस योजना में आधुनिक सुविधाओं के साथ बहुमंजिला आवासीय भवन बनाए जाएंगे।परियोजना के पहले चरण में 602 फ्लैट तैयार किए जाएंगे।
इसके लिए करीब 9,811 वर्गमीटर भूमि पर निर्माण की योजना बनाई गई है। इस भूखंड से संबंधित परियोजना विवरण में लगभग 14 मंजिला आवासीय भवन तैयार करने का प्रस्ताव है।निर्माण कार्य के दौरान आवासीय सुविधाओं के साथ सुरक्षा और बुनियादी जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा।
प्रत्येक फ्लैट में होंगे दो बेडरूम
पद्मलोक अपार्टमेंट में बनने वाले फ्लैटों को परिवारों की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया है।प्रस्तावित योजना के मुताबिक, प्रत्येक फ्लैट में दो बेडरूम, एक हॉल और रसोई की सुविधा होगी।इन्हें 2BHK श्रेणी के आवास के रूप में विकसित किया जाएगा।प्रत्येक फ्लैट का निर्धारित क्षेत्रफल लगभग 56.45 वर्गमीटर बताया गया है।
इसके अलावा आवासीय परिसर में वाहन पार्किंग और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी व्यवस्था करने की योजना है।हालांकि, फ्लैटों की अंतिम कीमत, आवेदन प्रक्रिया और आवंटन की पात्रता से संबंधित विस्तृत जानकारी संबंधित प्राधिकरण की आधिकारिक घोषणा के अनुसार ही स्पष्ट होगी।
माफिया के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी का सख्त संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया और अवैध कब्जों के खिलाफ अपनी सरकार की नीति का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि गरीबों और कमजोर वर्गों की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई जमीन का इस्तेमाल जनहित के कार्यों के लिए करना है।
उन्होंने प्रयागराज में पद्मलोक अपार्टमेंट के निर्माण को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जमीनों पर पहले माफिया का कब्जा था, वहां अब लोगों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं।
पहले भी अतीक से मुक्त जमीन पर बने हैं फ्लैट
प्रयागराज में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर आवासीय निर्माण की यह पहली परियोजना नहीं है।इससे पहले लूकरगंज इलाके में अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 76 फ्लैट बनाए गए थे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2023 में इन फ्लैटों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी थीं।इस परियोजना को सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया था।अब कसारी-मसारी क्षेत्र में 602 फ्लैटों की नई परियोजना शुरू की गई है।
दूसरे चरण में भी होगा आवासीय योजना का विस्तार
प्रयागराज विकास प्राधिकरण की पद्मलोक आवासीय योजना को आगे विस्तार देने की तैयारी है।पहले चरण में 602 फ्लैटों के निर्माण के बाद दूसरे चरण में 800 से अधिक अतिरिक्त फ्लैट बनाने का प्रस्ताव सामने आया है।इससे आने वाले समय में आवासीय परियोजना का दायरा और बढ़ सकता है।हालांकि, दूसरे चरण के निर्माण की समयसीमा, बजट और अन्य प्रक्रियाओं के संबंध में अंतिम जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
प्रयागराज के विकास को मिलेगी नई दिशापद्मलोक अपार्टमेंट परियोजना को प्रयागराज के शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।शहर में बढ़ती आबादी और आवास की जरूरतों को देखते हुए नई आवासीय परियोजनाओं का विकास आवश्यक हो गया है।
इस परियोजना के माध्यम से संगठित आवासीय परिसर बनाने की योजना है।इससे स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों और संबंधित व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।इसके अलावा आवासीय परिसर के विकसित होने से आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की मांग भी बढ़ सकती है।
मुख्यमंत्री ने अन्य कार्यक्रमों में भी लिया हिस्सा
प्रयागराज दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लिया।उन्होंने तेलियरगंज में स्वतंत्रता सेनानी और संविधान सभा के सदस्य महाशय मसुरियादीन की प्रतिमा का अनावरण किया।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया और प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी दी।उनके कार्यक्रमों में आवासीय परियोजना, सामाजिक सम्मान और राजनीतिक गतिविधियां प्रमुख रहीं।
कृष्णपुरी
के रूप में विकसित होगा नया आवासीय क्षेत्र
कसारी-मसारी का नाम कृष्णपुरी रखने की घोषणा और पद्मलोक अपार्टमेंट के भूमि पूजन को मुख्यमंत्री के प्रयागराज दौरे की प्रमुख उपलब्धियों में गिना जा रहा है।सरकार का दावा है कि माफिया के कब्जे से मुक्त जमीन का इस्तेमाल अब आम लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।602 फ्लैटों की इस परियोजना से शहर में आवास की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।हालांकि, परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने, निर्धारित नियमों के अनुसार आवंटन होने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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