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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘सुपोषित भारत’ को आगे बढ़ाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार नौ सितंबर से प्रदेश व्यापी पोषण माह अभियान की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नौ सितंबर को वाराणसी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से इस 30 दिवसीय अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह अभियान नौ सितंबर से शुरू होकर आठ अक्टूबर तक चलेगा।
पिछले वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से प्रदेश व्यापी पोषण माह कार्यक्रम की शुरुआत की थी। उस दौरान अभियान की थीम ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ रखी गई थी। इस बार सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को केंद्र में रखते हुए अभियान की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी-हमारी जिम्मेदारी’ तय की है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका पर रहेगा जोर
इस बार पोषण माह अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और जवाबदेही को और मजबूत करने की तैयारी है। प्रदेश में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाने में आंगनबाड़ी केंद्रों की अहम भूमिका है।
सरकार का उद्देश्य है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सिर्फ योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित न रहें, बल्कि पोषण जागरूकता, स्वास्थ्य निगरानी और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
‘हमारी आंगनबाड़ी-हमारी जिम्मेदारी’ थीम के जरिए सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाने पर ध्यान दे रही है। इसके तहत बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी, महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी देना और स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक करना अभियान का प्रमुख हिस्सा होगा।
काशी से शुरू होगा 30 दिवसीय अभियान
वाराणसी से पोषण माह की शुरुआत को खास माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
अभियान के दौरान प्रदेशभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें पोषण जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच शिविर, बच्चों के विकास की निगरानी और महिलाओं को संतुलित आहार के प्रति जागरूक करने जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।
चुनावी साल में घोषणाओं पर नजर
उत्तर प्रदेश में चुनावी साल होने के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कार्यक्रम को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य संबंधित कर्मियों के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से अपनी सुविधाओं, मानदेय और कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग उठाती रही हैं। ऐसे में काशी की धरती से मुख्यमंत्री की संभावित घोषणाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
हालांकि अभी तक सरकार की ओर से किसी विशेष घोषणा की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कुपोषण के खिलाफ अभियान को मिलेगी नई गति
पोषण माह का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में कुपोषण की समस्या को कम करना और बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाना है। सरकार लगातार पोषण अभियान, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर दे रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के शुरुआती वर्षों में बेहतर पोषण उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दे रही है।
पोषण माह के दौरान लोगों को स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण के बीच संबंध को लेकर भी जागरूकता फैलाई जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों को बनाया जा रहा मजबूत
उत्तर प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के विकास और प्रारंभिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है।
नई थीम के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अभियान का मुख्य आधार बनाया गया है। सरकार का मानना है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही पोषण अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
काशी से शुरू होने वाला यह अभियान प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचेगा। अगले 30 दिनों में विभिन्न विभागों के सहयोग से पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अभियान के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश में स्वस्थ बच्चों, स्वस्थ माताओं और मजबूत परिवारों की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौ सितंबर के कार्यक्रम और संभावित घोषणाओं पर है।





