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उत्तर प्रदेश
रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर CM योगी ने दी श्रद्धांजलि
Ratna Netam
8 Oct 2026 5:17 PM IST

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 8 अक्टूबर को पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन में रामविलास पासवान के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने अपने राजनीतिक जीवन में जिन सिद्धांतों और संकल्पों को अपनाया, उनका पूरी निष्ठा के साथ पालन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की सराहना करते हुए कहा कि वह अपने पिता के अधूरे मिशन और राजनीतिक विरासत को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।
गुरुवार को लखनऊ में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने दिवंगत नेता रामविलास पासवान को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख किया। कार्यक्रम का आयोजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व में किया गया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामविलास पासवान का सार्वजनिक जीवन संघर्ष, सिद्धांतों और समाज के वंचित वर्गों के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि पासवान ने अपने राजनीतिक जीवन में समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाने का काम किया। उनका योगदान केवल बिहार की राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि को बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामविलास पासवान ने लगभग पांच दशक पहले जिस संकल्प के साथ सार्वजनिक जीवन में अपनी आवाज उठाई थी, उसे जीवनभर निभाने का प्रयास किया।उन्होंने कहा, "आज बिहार में उनकी पुण्यतिथि को एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के तौर पर मनाया जा रहा है। इसके लिए मैं बिहार सरकार का दिल से धन्यवाद करता हूं। वे एक ऐसी आवाज थे, जो 50 साल पहले एक पक्के संकल्प के साथ उठी थी। उन्होंने अपनी कही बातों के अनुसार ही अपना जीवन जिया।"
मुख्यमंत्री ने रामविलास पासवान के निधन को भारतीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति बताते हुए कहा कि उनकी कमी आज भी महसूस की जाती है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि उनके पुत्र चिराग पासवान अपने पिता के विचारों और राजनीतिक मिशन को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामविलास पासवान भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके कार्य और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी स्मृतियां लोगों के बीच मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान अपने पिता की विरासत को संभालते हुए राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 को बिहार के खगड़िया जिले में हुआ था। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाया। वर्ष 1969 में वह पहली बार बिहार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। इसके बाद उन्होंने संसदीय राजनीति में प्रवेश किया और कई दशकों तक राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रहे।रामविलास पासवान ने वर्ष 2000 में लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की थी। इससे पहले भी वह कई राजनीतिक दलों और गठबंधनों से जुड़े रहे। उन्होंने विभिन्न केंद्रीय सरकारों में मंत्री के रूप में जिम्मेदारियां संभालीं। उनका राजनीतिक जीवन अनेक महत्वपूर्ण बदलावों और गठबंधन सरकारों के दौर से होकर गुजरा।
रामविलास पासवान उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने छह अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के साथ केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने रेल, संचार, रसायन एवं उर्वरक तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।भारतीय राजनीति में रामविलास पासवान की पहचान विशेष रूप से सामाजिक न्याय, दलित अधिकारों और वंचित समुदायों के मुद्दों को उठाने वाले नेता के रूप में रही। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान सामाजिक समानता और कमजोर वर्गों के अधिकारों से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी।
उनकी राजनीतिक यात्रा में कई उतार-चढ़ाव भी आए, लेकिन उन्होंने लंबे समय तक संसदीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वह कई बार लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए और बिहार की हाजीपुर लोकसभा सीट से उनका विशेष राजनीतिक संबंध रहा।रामविलास पासवान का निधन 8 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली में हुआ था। उस समय उनकी आयु 74 वर्ष थी। उनके निधन के बाद चिराग पासवान ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली।वर्तमान में चिराग पासवान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह अपने पिता के नाम और राजनीतिक विचारों को पार्टी की पहचान के साथ जोड़कर आगे बढ़ा रहे हैं।
पिता की छठी पुण्यतिथि के अवसर पर चिराग पासवान ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी उन्हें याद किया। उन्होंने अपने बचपन की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह अपनी बहन के साथ पिता रामविलास पासवान के गले लगे दिखाई दे रहे हैं।चिराग पासवान ने भावुक संदेश में लिखा कि आज पार्टी की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्हें समझ में आता है कि उनके पिता ने पार्टी, परिवार और लाखों लोगों की उम्मीदों का कितना बड़ा दायित्व निभाया था। उन्होंने अपने पिता के प्रति भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि काश वह एक बार फिर उन्हें गले लगा पाते।रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व भी है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश में अपने संगठन का विस्तार करने की दिशा में सक्रिय है। पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी तैयारियां शुरू की हैं।
इससे पहले पार्टी की ओर से जानकारी दी गई थी कि 8 अक्टूबर को लखनऊ में विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित विभिन्न राजनीतिक नेताओं को आमंत्रित करने की योजना थी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान रामविलास पासवान के सरल व्यक्तित्व और गरीबों के प्रति उनके लगाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पासवान ने सार्वजनिक जीवन में जरूरतमंद और वंचित लोगों की सहायता करने को महत्व दिया।योगी आदित्यनाथ के संबोधन में रामविलास पासवान की राजनीतिक यात्रा के साथ उनके व्यक्तित्व और सामाजिक योगदान पर विशेष जोर रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने सिद्धांतों के अनुसार जीवन जिया और सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान बनाई।
लखनऊ के इस कार्यक्रम के अतिरिक्त बिहार और देश के अन्य हिस्सों में भी रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न राजनीतिक नेताओं और समर्थकों ने उनके योगदान को याद किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान रामविलास पासवान की राजनीतिक विरासत और चिराग पासवान की वर्तमान भूमिका के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रामविलास पासवान की कमी महसूस होती है, लेकिन उनके बेटे चिराग पासवान उनके विचारों और संकल्पों को आगे बढ़ाने में सक्रिय हैं।गुरुवार को आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में रामविलास पासवान के सामाजिक न्याय, सार्वजनिक सेवा और राजनीतिक योगदान को याद किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत नेता के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके जीवन और कार्यों को स्मरण किया।
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