उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव पर बरसे सीएम योगी, घुसपैठियों को लेकर उठाए सवाल

Ratna Netam
26 Oct 2026 4:20 PM IST
अखिलेश यादव पर बरसे सीएम योगी, घुसपैठियों को लेकर उठाए सवाल
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक बयानबाजी चर्चा में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सवाल किया, “बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए इतना प्यार क्यों?” उनके इस बयान के बाद अवैध प्रवासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक दलों के रुख को लेकर बहस तेज हो गई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर राजनीतिक हमला है। हालांकि, किसी व्यक्ति की नागरिकता या अवैध प्रवासन की स्थिति का निर्धारण केवल राजनीतिक आरोपों के आधार पर नहीं किया जा सकता। इसके लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच आवश्यक होती है।
अखिलेश यादव पर मुख्यमंत्री योगी का सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के रुख को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने अपनी टिप्पणी के माध्यम से विपक्ष के सामने अवैध प्रवासन के विषय पर स्थिति स्पष्ट करने का राजनीतिक सवाल रखा।भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कानून-व्यवस्था, नागरिकता तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पहले भी मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे विषयों पर दोनों दल अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण रखते हैं।
कानपुर में 411 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बयान सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को कानपुर के बिठूर में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दिया। इस दौरान उन्होंने बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों में 411 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।
घुसपैठियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस बांग्लादेशी तथा पाकिस्तानी घुसपैठियों का समर्थन करती हैं। उन्होंने दावा किया कि अवैध प्रवासन के कारण गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकार प्रभावित होते हैं।मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के राशन कार्ड बनवाकर उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाया जाता है, जिससे पात्र लाभार्थियों के हित प्रभावित होते हैं। हालांकि, कार्यक्रम में लगाए गए इन आरोपों के समर्थन में किसी विशिष्ट मामले का प्रमाण सार्वजनिक होने की जानकारी नहीं मिली है।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने कथित घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की कोशिश की।मतदाता सूची में नाम दर्ज करने की पात्रता निर्वाचन संबंधी कानूनों के अनुसार निर्धारित होती है। किसी व्यक्ति की नागरिकता और मतदान की पात्रता की जांच सक्षम अधिकारियों की जिम्मेदारी है।योगी के आरोपों को लेकर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की इस विशेष बयान पर तत्काल प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हो सकी है।
सपा और कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों के कामकाज की आलोचना की। उन्होंने परिवारवाद, कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर दोनों दलों को घेरा।उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि एक बार सत्ता विरासत में मिल सकती है, लेकिन जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए काम करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश की जनता पूर्ववर्ती सरकारों के कामकाज को देख चुकी है।उन्होंने पूर्व सरकारों पर किसानों, युवाओं और गरीबों की समस्याओं की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
भगवान राम और निषादराज की मित्रता का किया उल्लेख
बिठूर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने भगवान राम और निषादराज की मित्रता को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।उन्होंने प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर में भगवान राम और निषादराज की 56 फुट ऊंची प्रतिमा का भी जिक्र किया। योगी ने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए काम कर रही है।मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास और अन्य महापुरुषों के योगदान को याद करते हुए सामाजिक एकता का संदेश दिया।
यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद अवैध प्रवासन और विपक्षी दलों की भूमिका का मुद्दा राजनीतिक चर्चा में आ गया है।भाजपा जहां राष्ट्रीय सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पात्रता का मुद्दा उठा रही है, वहीं किसी भी राजनीतिक आरोप की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया आवश्यक है।कानपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं के साथ विपक्ष पर भी निशाना साधा। अब उनके इस बयान पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
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