उत्तर प्रदेश

CM Yogi आगे युवाओं का हुजूम पीछे गोरखपुर में दिखा देशभक्ति का जोश

Ratna Netam
10 Aug 2026 3:09 PM IST
CM Yogi  आगे युवाओं का हुजूम पीछे गोरखपुर में दिखा देशभक्ति का जोश
x
गोरखपुर : सोमवार को देशभक्ति का अलग ही नजारा देखने को मिला। हाथों में तिरंगा, जुबां पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाते हुए बड़ी संख्या में युवा और आम नागरिक सड़कों पर नजर आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में शहर में तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में युवाओं के साथ व्यापारी, विभिन्न धर्म और समुदायों के लोग तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। यात्रा के दौरान पूरे शहर का माहौल राष्ट्रभक्ति से सराबोर नजर आया।
तिरंगा यात्रा की शुरुआत रानी लक्ष्मीबाई पार्क से हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे आगे चल रहे थे और उनके पीछे बड़ी संख्या में युवा हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर आगे बढ़ रहे थे। यात्रा के दौरान लगातार ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे गूंजते रहे। शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरने वाली यात्रा का कई जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। लोगों ने तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया और राष्ट्रभक्ति के इस आयोजन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान कहा कि तिरंगा देश के क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान की अमिट पहचान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने घरों पर राष्ट्रध्वज फहराने और देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले वीरों को याद करने का आह्वान किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को आजादी आसानी से नहीं मिली। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान असंख्य लोगों ने देश के लिए अपना जीवन न्योछावर किया। मंगल पांडेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और गोरखपुर के वीर बंधू सिंह तक अनेक क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि इन वीरों के त्याग और बलिदान की वजह से देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
मुख्यमंत्री ने काकोरी और चौरीचौरा की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। काकोरी की घटना को लेकर उन्होंने कहा कि इसे केवल डकैती कहना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक, क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन का धन अपने कब्जे में लेकर उसे देश की आजादी के संघर्ष में इस्तेमाल किया था।
योगी आदित्यनाथ ने राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी समेत काकोरी कांड से जुड़े क्रांतिकारियों के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इन क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। ऐसे वीरों को सम्मान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों ने जाति-पाति और अन्य सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। उनके लिए देश सबसे पहले था। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा इसी ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को आगे बढ़ाने और स्वतंत्रता सेनानियों के अमर बलिदान को याद करने का माध्यम है।
तिरंगा यात्रा रानी लक्ष्मीबाई पार्क से शुरू होकर टाउनहॉल, गोलघर और यातायात तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन के सामने स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुंची। यात्रा के पूरे मार्ग पर देशभक्ति का माहौल बना रहा। जगह-जगह नागरिकों ने फूलों की बारिश कर यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया।
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्ग में आने वाली महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण भी किया। उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम और देश के लिए योगदान देने वाले महापुरुषों को याद किया गया।
तिरंगा यात्रा में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। बड़ी संख्या में युवा हाथों में तिरंगा लेकर पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। उनके बीच देशभक्ति का जोश साफ नजर आया। यात्रा के दौरान लग रहे नारों से शहर की सड़कें गूंजती रहीं।
महाराणा प्रताप की प्रतिमा के सामने माल्यार्पण के साथ तिरंगा यात्रा का समापन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन के जरिए देश के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करने और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का संदेश दिया। यात्रा में विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने इसे व्यापक जनभागीदारी वाला आयोजन बना दिया।
Next Story