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सीएम योगी ने 26 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से किया सम्मानित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले 26 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इन पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और उनके योगदान की सराहना की। साथ ही वीरता पदक पाने वाले प्रत्येक पुलिसकर्मी को एक हजार रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का भी विमोचन किया। इस अवसर पर पुलिस और प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। लोक भवन में आयोजित समारोह का मुख्य उद्देश्य उन पुलिसकर्मियों को सम्मानित करना था जिन्होंने अपने कर्तव्य के दौरान साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने पदक प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा के लिए लगातार काम करते हैं। ऐसे में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों का सम्मान पूरे पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने का माध्यम बनता है।
कार्यक्रम में सम्मानित किए गए 26 पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग परिस्थितियों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी। उन्हें उनके साहस, कार्यकुशलता और कर्तव्य के प्रति समर्पण के आधार पर वीरता पदक के लिए चुना गया। मुख्यमंत्री ने सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सरकार की ओर से वीरता पदक प्राप्त पुलिसकर्मियों को एक हजार रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की गई। यह राशि सम्मानित कर्मियों को नियमित रूप से दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन मिलेगा और अन्य जवानों में भी बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा बढ़ेगी।
लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस सेवा में अनुशासन, साहस और जिम्मेदारी की भूमिका पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों का कार्य केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था, आपदा और आपात स्थिति में लोगों की मदद करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। प्रकाश सिंह भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे हैं और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के पद पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनकी पुस्तक में पुलिस सेवा, प्रशासन और अपने अनुभवों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रकाश सिंह के लंबे प्रशासनिक और पुलिस सेवा अनुभव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने भी सम्मानित पुलिसकर्मियों को बधाई दी। उनका कहना था कि कठिन परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों की भूमिका कई बार बेहद चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे समय में साहस और त्वरित निर्णय से न केवल कानून व्यवस्था संभाली जाती है, बल्कि लोगों की जान और संपत्ति की भी रक्षा होती है।
उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से पुलिस बल में आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधनों के इस्तेमाल पर भी जोर दे रही है। राज्य में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर बदलाव किए गए हैं। सरकार की ओर से सार्वजनिक रूप से उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने की परंपरा भी जारी रखी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर योगी आदित्यनाथ वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में दर्ज हैं।
वीरता पदक पुलिस सेवा में विशेष महत्व रखते हैं। ये पदक ऐसे कर्मियों को दिए जाते हैं जो जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण साहस का परिचय देते हैं। ऐसे सम्मान से पुलिसकर्मियों के व्यक्तिगत योगदान को पहचान मिलने के साथ पूरे बल में सकारात्मक संदेश जाता है।
लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए भी यह गौरव का अवसर रहा। कठिन ड्यूटी और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के बीच पुलिसकर्मी अक्सर परिवार से दूर रहकर काम करते हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर सम्मान मिलने से उनके योगदान को सामाजिक पहचान भी मिलती है।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों से कहा कि जनता की सुरक्षा और कानून के शासन को मजबूत बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी करने पर जोर दिया।
राज्य सरकार की ओर से घोषित एक हजार रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि को पदक प्राप्त पुलिसकर्मियों के लिए अतिरिक्त सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। प्रशस्ति पत्र और पदक के साथ नियमित आर्थिक प्रोत्साहन उन्हें सरकार की ओर से दी जा रही मान्यता का हिस्सा होगा।
कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक के विमोचन ने समारोह को पुलिस सेवा के अनुभव और वर्तमान पुलिसकर्मियों के सम्मान से जोड़ दिया। एक ओर लंबे समय तक पुलिस प्रशासन में सेवा देने वाले वरिष्ठ अधिकारी के अनुभवों को पुस्तक के रूप में सामने लाया गया, वहीं दूसरी ओर वर्तमान समय में साहस का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल में बेहतर कार्य संस्कृति और जवाबदेही पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस को आधुनिक चुनौतियों के अनुसार लगातार अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा। साइबर अपराध, संगठित अपराध और कानून व्यवस्था से जुड़े नए प्रकार के मामलों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता भी जरूरी होती जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित पुलिसकर्मियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वे आगे भी उसी साहस और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।
लोक भवन में आयोजित यह समारोह पुलिसकर्मियों के सम्मान के साथ-साथ पुलिस सेवा के प्रति समर्पण को प्रोत्साहित करने वाला कार्यक्रम रहा। 26 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक, प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि की घोषणा के साथ सरकार ने उनके योगदान को औपचारिक रूप से सम्मान दिया, जबकि पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ के विमोचन ने कार्यक्रम को एक अलग आयाम दिया।





