उत्तर प्रदेश

राहुल गांधी को CM योगी ने बताया 'फुस्स रॉकेट', अखिलेश पर भी साधा निशाना

Kavita2
4 Nov 2026 3:52 PM IST
राहुल गांधी को CM योगी ने बताया फुस्स रॉकेट, अखिलेश पर भी साधा निशाना
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 4 नवंबर को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। गोरखपुर में आयोजित भाजपा के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं की बयानबाजी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना 'फुस्स रॉकेट' से करते हुए कहा कि उनका बारूद समाप्त हो चुका है और कांग्रेस चाहे जितनी बार उन्हें लॉन्च करने की कोशिश कर ले, अब वह लॉन्च नहीं होने वाले।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव के बदला लेने संबंधी बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के 'बबुआ' को कोई समझाए कि लोकतंत्र में बदला नहीं लिया जाता, बल्कि जनता बदलाव करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता सर्वोपरि होती है और वही अपने मताधिकार के माध्यम से सरकारों के भविष्य का फैसला करती है।

योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर चुनाव में मिली हार को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी चुनावी पराजय के बाद संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को जनता का जनादेश स्वीकार करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (Special Intensive Revision) के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि मतदाता सूची से अयोग्य मतदाताओं और विदेशी नागरिकों के नाम हटाने की प्रक्रिया पर कांग्रेस तथा उसके सहयोगियों को आपत्ति क्यों है।

योगी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाने के सवाल पर अनावश्यक विवाद पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हालांकि, किसी व्यक्ति को विदेशी नागरिक या अवैध मतदाता घोषित करने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और प्रमाण आवश्यक होते हैं। मतदाता सूची में संशोधन के दौरान पात्र नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना भी निर्वाचन प्रक्रिया की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर बताकर लोगों का विश्वास प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। योगी के अनुसार चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की भूमिका लोकतंत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से राहुल गांधी को राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित करने का प्रयास कर रही है, लेकिन जनता ने बार-बार पार्टी की राजनीतिक रणनीति को नकारा है।

योगी आदित्यनाथ ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कांग्रेस चाहे जितनी बार राहुल गांधी की राजनीतिक लॉन्चिंग करे, जनता अपना फैसला कर चुकी है। उनके इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व पर भाजपा के लगातार हमलों की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में बदले की भावना से काम करने के बजाय जनहित और विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल को जनता के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।

योगी ने कहा कि सरकारें जनता की अपेक्षाओं और विश्वास के आधार पर बनती हैं। जनता जब बदलाव चाहती है, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से उसे लागू करती है। ऐसे में राजनीतिक दलों को अपनी नीतियों और कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि दोनों दल जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों के बजाय राजनीतिक विवादों को अधिक महत्व दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास, सुरक्षा और जनकल्याण की योजनाओं पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष अनावश्यक आरोप-प्रत्यारोप में उलझा हुआ है।

गोरखपुर में भाजपा की ओर से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्रा और राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।

भाजपा नेताओं ने इस अभियान को विपक्ष के आरोपों का जवाब देने का प्रयास बताया। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है।

दूसरी ओर, कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन एसआईआर की प्रक्रिया तथा मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के मुद्दे पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग को पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनानी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता को मताधिकार से वंचित नहीं होने देना चाहिए।

इस मुद्दे पर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शन किया था। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए थे।

भाजपा ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूची में सुधार एक आवश्यक चुनावी प्रक्रिया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि विपक्ष अपने राजनीतिक हितों के कारण इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए विपक्ष से सवाल किया कि यदि निर्वाचन प्रक्रिया पर इतना अविश्वास है, तो उसी व्यवस्था के तहत निर्वाचित होकर पद ग्रहण करने में उन्हें आपत्ति क्यों नहीं होती। उन्होंने राहुल गांधी के लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने का उदाहरण देते हुए विपक्ष के रुख में विरोधाभास होने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी राजनीतिक लाभ के लिए लोगों में असंतोष तथा अविश्वास का वातावरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ के इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। विशेष रूप से विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तीखी होती जा रही है।

राजनीतिक दृष्टि से गोरखपुर में दिया गया मुख्यमंत्री का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा जहां विकास और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान को अपना प्रमुख मुद्दा बना रही है, वहीं विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रहा है।

फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर किए गए हमले ने राजनीतिक चर्चा को नया मुद्दा दे दिया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से भी इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।

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