उत्तर प्रदेश

सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

SHIDDHANT
31 Oct 2025 8:27 PM IST
सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना
x
Varanasi वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में आज एक विशेष आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला, जब भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान विश्वनाथ का रुद्राभिषेक और पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर दोनों शीर्ष नेताओं ने मंदिर परिसर में जारी विकास कार्यों की जानकारी ली और काशी की आध्यात्मिक धारा की सराहना की।
भगवान विश्वनाथ के चरणों में नमन
सुबह करीब 10 बजे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन वाराणसी पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता एक साथ काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने गंगा जल, दूध, बेलपत्र, और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव की पूजा की।
मंदिर प्रशासन ने दोनों विशिष्ट अतिथियों को रुद्राक्ष माला और श्री काशी विश्वनाथ का स्मृति चिह्न भेंट किया। मंदिर के मुख्य पुजारी ने पूजा विधि का संचालन किया।
‘काशी आत्मा की शांति का प्रतीक है’ — उपराष्ट्रपति
पूजन के बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा, “काशी विश्वनाथ धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा की शाश्वत ऊर्जा का प्रतीक है। यहां आने से एक अद्भुत शांति और आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों से काशी आज न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बन चुकी है।”
उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता की जड़ें अध्यात्म में हैं, और काशी उसका ध्रुवतारा है। “जिसने काशी देखी, उसने भारत की आत्मा को देखा,” उपराष्ट्रपति ने कहा।
योगी आदित्यनाथ बोले — “काशी विश्वनाथ धाम नया भारत का गौरव”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम का जो भव्य स्वरूप विकसित हुआ है, वह नए भारत की संस्कृति, श्रद्धा और शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “यह धाम आज पूरे विश्व को यह संदेश दे रहा है कि भारत अपनी परंपरा और आस्था को आधुनिक विकास के साथ जोड़ सकता है। काशी अब ‘प्राचीनता और आधुनिकता’ का संगम बन चुकी है।”
मुख्यमंत्री ने मंदिर क्षेत्र में स्वच्छता, सुरक्षा और सुगमता के लिए किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को काशी में आध्यात्मिक अनुभव के साथ विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें।
धाम परिसर का निरीक्षण और विकास की समीक्षा
पूजन के बाद दोनों नेताओं ने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का भी भ्रमण किया। अधिकारियों ने उन्हें मंदिर के नए सुविधाओं, श्रद्धालु मार्ग, गंगा घाटों से जुड़ने वाले रास्तों और पर्यावरण संरक्षण उपायों की जानकारी दी। उपराष्ट्रपति ने धाम की स्वच्छता और व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान की मिसाल है।
स्थानीय लोगों में उत्साह और गर्व
उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के आगमन से वाराणसी में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखने को मिला। मंदिर के आस-पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व का काशी आना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
‘आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा’
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उच्चस्तरीय दौरे से वाराणसी को आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में और मजबूती मिलेगी। काशी विश्वनाथ धाम न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश को नई दिशा दे रहा है।
Next Story