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किताब न लाने पर पहली कक्षा के छात्र को थप्पड़ मारने का आरोप, टूटा दांत

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक निजी स्कूल की शिक्षिका पर पहली कक्षा के छात्र के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि किताब घर पर भूल आने पर शिक्षिका ने छात्र को थप्पड़ मार दिया, जिससे उसका एक दांत टूट गया। घटना के बाद छात्र जब छुट्टी के बाद घर पहुंचा और उसने पूरी बात अपने परिजनों को बताई तो परिवार के लोग हैरान रह गए।
मामला शहर के देहली दरवाजा स्थित सेंट जिलानी पब्लिक स्कूल का बताया जा रहा है। छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत करने के बाद पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हयातनगर थाना क्षेत्र के सरायतरीन अंतर्गत मोहल्ला पीला खदाना निवासी मोहम्मद इकरार ने बताया कि उनका बेटा तैमूर अली सेंट जिलानी पब्लिक स्कूल में कक्षा एक का छात्र है। बुधवार सुबह वह रोज की तरह स्कूल गया था। परिजनों के अनुसार, स्कूल पहुंचने के बाद किसी विषय की किताब घर पर छूट जाने की बात सामने आई।
आरोप है कि किताब नहीं लाने से नाराज शिक्षिका ने छात्र को थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ लगने से छात्र के मुंह में चोट लगी और उसका एक दांत टूट गया। घटना के बाद छात्र काफी परेशान हो गया। छुट्टी होने के बाद जब वह घर पहुंचा तो उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
बेटे की बात सुनकर परिवार के लोग स्कूल पहुंचे और मामले की जानकारी स्कूल प्रबंधन को दी। परिजनों ने शिक्षिका के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उन्होंने थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत पत्र सौंपा।
छात्र के पिता मोहम्मद इकरार का कहना है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटी सी गलती पर बच्चे के साथ इस तरह का व्यवहार करना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस और स्कूल प्रशासन से मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद इलाके में भी चर्चा शुरू हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों को अनुशासन सिखाना जरूरी है, लेकिन शारीरिक दंड देना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उनका कहना है कि बच्चों को समझाने के लिए सकारात्मक तरीके अपनाए जाने चाहिए।
वहीं, पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर छात्र और उसके परिजनों के बयान लिए जाएंगे। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षिका से भी जानकारी ली जाएगी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन की ओर से इस मामले में अभी कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि छात्र को किस परिस्थिति में चोट लगी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
बच्चों के साथ स्कूलों में होने वाले व्यवहार को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए संवाद और समझाने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। शारीरिक दंड से बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इस घटना के बाद अभिभावकों में नाराजगी है और वे स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरतने की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपने बच्चे के लिए न्याय पाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी अन्य छात्र के साथ ऐसी घटना न हो।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।





