उत्तर प्रदेश

2027 UP चुनाव को लेकर चिराग का बयान

Kanchan Paikara
5 July 2026 2:54 PM IST
2027  UP चुनाव को लेकर चिराग का बयान
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Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश की सियासी तस्वीर में साल 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दल अभी से अपनी रणनीति को धार देने में जुट गए हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
चिराग पासवान ने रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए 2027 विधानसभा चुनाव
में सक्रिय भूमिका निभाने का संकेत दिया। उनके इस बयान के बाद एनडीए खेमे के भीतर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और सियासी समीकरणों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान ने अपने पिता और पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उनके पिता की जयंती लखनऊ में भव्य स्तर पर मनाई जा रही है। यह पहली बार है जब लोजपा (रामविलास) बिहार से बाहर निकलकर उत्तर प्रदेश की राजधानी में इतना बड़ा आयोजन कर रही है।
इस आयोजन को पार्टी के विस्तार और नए राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। चिराग पासवान ने साफ कहा कि उनकी पार्टी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोजपा (रामविलास) आने वाले समय में बड़े विजन के साथ देशभर में अपने संगठन का विस्तार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ता लगातार मेहनत कर रहे हैं ताकि संगठन को नई मजबूती दी जा सके।
चिराग पासवान ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को लेकर अपनी रणनीति का संकेत देते हुए कहा कि पार्टी का फोकस अब यूपी में संगठन को मजबूत करना है। इसे ‘मिशन 2027’ की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ बनाने की कोशिश करेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान का यह कदम उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है। एनडीए के भीतर भी इस बयान को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
लोजपा (रामविलास) के इस कदम को बिहार से बाहर निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि 2027 के चुनाव में पार्टी कितना प्रभाव छोड़ पाती है और उत्तर प्रदेश की सियासत में कितना बदलाव लाती है।
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