उत्तर प्रदेश

खंडवा में ट्रेन रोककर बच्चों का इलाज

Kavita2
29 Aug 2026 12:26 PM IST
खंडवा में ट्रेन रोककर बच्चों का इलाज
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दिल्ली : हजरत निजामुद्दीन से केरल के एर्नाकुलम जा रही मंगला एक्सप्रेस में शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 30 स्कूली बच्चों की अचानक तबीयत खराब हो गई। बताया जा रहा है कि खाना खाने के कुछ देर बाद बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत होने लगी।

बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही ट्रेन में मौजूद यात्रियों और रेलवे अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को देखते हुए ट्रेन को मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन पर रोका गया, जहां रेलवे और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर बच्चों का इलाज किया।

खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, मंगला एक्सप्रेस में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान खाना खाने के कुछ समय बाद कई बच्चों ने अचानक अस्वस्थ महसूस करना शुरू किया।

बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते करीब 30 बच्चों की तबीयत खराब हो गई। इनमें से कुछ बच्चों की हालत ज्यादा गंभीर बताई गई।

घटना की जानकारी ट्रेन स्टाफ को दी गई, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

खंडवा स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन

बच्चों की बिगड़ती हालत को देखते हुए मंगला एक्सप्रेस को शुक्रवार रात खंडवा रेलवे स्टेशन पर करीब 50 मिनट के लिए रोका गया।

ट्रेन के रुकते ही रेलवे अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। डॉक्टरों की टीम ने सभी बच्चों की जांच की और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया।

स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्चों को जरूरी दवाएं उपलब्ध कराईं और उनकी स्थिति पर नजर रखी।

पांच बच्चों की हालत गंभीर

प्रारंभिक जांच में पांच बच्चों की हालत ज्यादा गंभीर बताई गई। हालांकि, डॉक्टरों की निगरानी और प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी प्रभावित बच्चों और यात्रियों की जांच की। इसके बाद गंभीर रूप से बीमार पांच बच्चों समेत सभी यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया।

रेलवे और प्रशासन ने दिखाई तत्परता

घटना के बाद रेलवे और प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बच्चों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। रेलवे अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर तुरंत डॉक्टरों की टीम को स्टेशन पर बुलाया।

रेलवे की ओर से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेन को आवश्यक समय के लिए रोका गया।

खाने की गुणवत्ता को लेकर जांच की संभावना

बच्चों की तबीयत खराब होने के पीछे खाने की वजह होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रेलवे और संबंधित विभाग मामले की जांच कर सकते हैं कि बच्चों की तबीयत किस कारण से खराब हुई। खाने की गुणवत्ता और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा सकती है।

यात्रियों में मची थी चिंता

घटना के दौरान ट्रेन में मौजूद अन्य यात्रियों में भी चिंता का माहौल बन गया था। बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने से लोग परेशान हो गए।

हालांकि, समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और सभी बच्चों को सुरक्षित यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग ने दी निगरानी

डॉक्टरों ने बच्चों की जांच के बाद उन्हें जरूरी सलाह दी। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की हालत स्थिर थी।

यात्रा के दौरान किसी बच्चे की तबीयत दोबारा खराब न हो, इसके लिए भी आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

रेलवे ने संभाला मामला

मंगला एक्सप्रेस में हुई इस घटना के बाद रेलवे की त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है। समय पर ट्रेन रोककर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से बड़ा हादसा टल गया।

फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं और ट्रेन अपने गंतव्य एर्नाकुलम के लिए रवाना हो चुकी है।

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