- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- बच्चा चोरी गिरोह का...

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में छह साल के मासूम बच्चे का अपहरण कर उसे दो लाख रुपये में बेचने के मामले का कासना कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मानव तस्करी से जुड़े इस कथित गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पांच पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। शनिवार को गांव डाढ़ा गोलचक्कर के पास पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अपहृत बच्चे को छह प्रतिशत आबादी क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। मासूम की बरामदगी से परिवार को बड़ी राहत मिली है।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के अपहरण और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके संभावित अन्य आपराधिक संबंधों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
छह साल के बच्चे का अपहरण कर दो लाख में बेचने का आरोप
जानकारी के अनुसार, कासना कोतवाली क्षेत्र में छह साल के बच्चे के अपहरण का मामला सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर बच्चे का अपहरण करने के बाद उसे दो लाख रुपये में बेचने की साजिश रची थी।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बच्चे की तलाश और आरोपियों की पहचान के लिए कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस संदिग्धों तक पहुंची।
पुलिस का दावा है कि इस वारदात में पांच पुरुषों के साथ दो महिलाओं की भी भूमिका थी। दोनों महिलाओं पर बच्चे की खरीद-फरोख्त की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
हालांकि, बच्चे को कब और किन परिस्थितियों में अगवा किया गया था तथा दो लाख रुपये का लेनदेन किस स्तर तक पहुंचा था, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
डाढ़ा गोलचक्कर के पास पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़
शनिवार को कासना कोतवाली पुलिस की कार्रवाई के दौरान गांव डाढ़ा गोलचक्कर के पास आरोपियों के साथ मुठभेड़ हुई।
पुलिस के अनुसार, इस मुठभेड़ में तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
मुठभेड़ की परिस्थितियों, घायल आरोपियों की पहचान और मौके से हथियारों की बरामदगी के संबंध में उपलब्ध विवरण सीमित हैं।
आरोपियों की निशानदेही पर मासूम सकुशल बरामद
पुलिस की इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अपहृत बच्चे की सुरक्षित बरामदगी रहा।
गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस छह प्रतिशत आबादी क्षेत्र पहुंची, जहां से छह साल के बच्चे को सकुशल बरामद किया गया।
इसके बाद पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए मासूम को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
बच्चे की सुरक्षित वापसी से परिवार को बड़ी राहत मिली। अपहरण जैसे गंभीर मामले में पीड़ित बच्चे की सकुशल बरामदगी पुलिस की कार्रवाई का प्रमुख परिणाम रही।
गिरफ्तार पांच पुरुष और दो महिला आरोपियों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार सातों आरोपियों की पहचान कर ली है। इनमें गुरमीत सिंह पुत्र महीपाल, सुमित कुमार पुत्र अशोक कुमार, अंकित कुमार पुत्र गंगादास, विकास पुत्र धर्मपाल सिंह और नकुल पुत्र धर्मपाल सिंह शामिल हैं।
ये पांचों आरोपी मूल रूप से अमरोहा जिले के ननई गांव, थाना रहरा क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
गिरफ्तार महिलाओं में पुष्पा पत्नी गजराज, मूल निवासी अमरोहा और वर्तमान निवासी छह प्रतिशत आबादी क्षेत्र कासना तथा कमलेश पत्नी ओम प्रकाश, निवासी तुगलकाबाद, गोविंदपुरी, दिल्ली शामिल हैं।
पुलिस का आरोप है कि महिलाओं ने बच्चे की खरीद-फरोख्त की साजिश में भूमिका निभाई थी।
घर के बाहर खेलते समय हुआ था अपहरण
पुलिस जांच के अनुसार, 13 अक्टूबर को बच्चा घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर उसे अगवा कर लिया।
परिजनों ने बच्चे की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद 14 अक्टूबर को कासना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस के मुताबिक, अंकित और नकुल ने काशीराम अस्पताल के सामने से बच्चे को मोटरसाइकिल पर बैठाकर अगवा किया था। इसके बाद अन्य आरोपियों की मदद से बच्चे को गाजियाबाद ले जाया गया।
साढ़े चार लाख में हुआ था बच्चे का सौदा
पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपी सुमित की मामी पुष्पा ने दिल्ली निवासी कमलेश के बारे में बताया था। कथित तौर पर कमलेश एक बच्चे को प्राप्त करने के बदले रकम देने को तैयार थी।
इसके बाद आरोपियों ने अपहरण की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, बच्चे के बदले कुल साढ़े चार लाख रुपये का सौदा तय हुआ था।
आरोपियों को दो लाख रुपये पहले मिल चुके थे, जबकि ढाई लाख रुपये बाद में दिए जाने थे। पुलिस अब इस कथित सौदे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस ने हथियार, नकदी और वाहन बरामद किए
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध तमंचे, कारतूस, वारदात में इस्तेमाल कार और मोटरसाइकिल बरामद करने की जानकारी दी है।
इसके अलावा आरोपियों के पास से दो लाख रुपये से अधिक नकदी बरामद होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले भी किसी बच्चे के अपहरण या खरीद-फरोख्त की घटना को अंजाम दिया था या नहीं।
मानव तस्करी के नेटवर्क की जांच जारी
छह साल के मासूम के अपहरण और कथित खरीद-फरोख्त के मामले ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के आपसी संबंधों, पैसों के लेनदेन और संभावित अन्य सहयोगियों की जांच कर रही है।
इस मामले में सबसे बड़ी राहत यह रही कि अपहृत बच्चा सुरक्षित मिल गया और उसे उसके परिवार के पास पहुंचा दिया गया।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। मामले की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े मानव तस्करी नेटवर्क से था या नहीं।





