उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य राम मंदिर और अखंड भारत पर जोर दिय

SHIDDHANT
19 Oct 2025 7:58 PM IST
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य राम मंदिर और अखंड भारत पर जोर दिय
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Ayodhya अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपोत्सव 2025 के अवसर पर अपने संबोधन में राम मंदिर और अखंड भारत की महत्ता पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अयोध्या आने से पहले श्री राम जन्मभूमि पर रामलला के समक्ष पहला दीया जलाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत गर्व और आस्था का पल था। संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे राम को मानते ही नहीं थे और उन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलाकर अयोध्या को रक्तरंजित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में जनता की आस्था रामलला को समर्पित भव्य मंदिर के निर्माण में है। भव्य राम मंदिर का निर्माण न केवल धार्मिक आस्था का सम्मान है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंदिर एक नए भारत का प्रतीक है, एक ऐसा भारत जो अखंड और श्रेष्ठ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि भारत अखंड रहेगा, तो यह श्रेष्ठ रहेगा। इसी प्रकार, यदि भारत अखंड रहेगा, तो किसी भी आस्था का अपमान नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने दीपोत्सव को इस अखंडता और आस्था के उत्सव के रूप में मनाने की प्रेरणा दी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपोत्सव केवल धार्मिक परंपरा का उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में अच्छाई और एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के माध्यम से हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, समाज में भाईचारे और देश के प्रति निष्ठा को मजबूत करते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों में दीप जलाकर इस पर्व की गरिमा और उत्साह को बढ़ाएँ।
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव 2025 को भारत की आस्था, उमंग और उत्साह का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें याद दिलाता है कि समाज में अच्छाई और धार्मिक सहिष्णुता को बनाए रखना कितना आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे देश की एकता और अखंडता के लिए हमेशा जागरूक रहें और अपने कर्तव्यों का पालन करें। सभी उपस्थित लोगों ने दीप जलाकर कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री के इस संबोधन ने अयोध्या में उपस्थित जनता और भक्तों में उत्साह और श्रद्धा का संचार किया। दीपोत्सव का यह आयोजन भव्य राम मंदिर निर्माण की खुशी और देश की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का प्रतीक बना।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि भारत अखंड रहेगा, तो हम हर वर्ष दीपोत्सव को उसी उत्साह और उमंग के साथ मनाने का अवसर प्राप्त करेंगे। उन्होंने यह संदेश दिया कि भव्य मंदिर और दीपोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक गौरव और अखंडता का भी प्रतीक हैं।
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