- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- दीनदयाल उपाध्याय की...

x
हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ नगर पालिका परिषद के सभागार परिसर में स्थापित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के आसपास कथित रूप से बैग और अन्य सामान रखे जाने का मामला सामने आया है। इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने का दावा किया जा रहा है। प्रतिमा के नीचे तथा आसपास बेतरतीब तरीके से सामान दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
बताया जा रहा है कि नगर पालिका परिषद के सभागार परिसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थापित है। यह परिसर नगर पालिका की विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सामने आई कथित तस्वीरों में प्रतिमा के ठीक नीचे और आसपास बड़ी संख्या में बैग तथा अन्य वस्तुएं रखी दिखाई दे रही हैं। सामान को व्यवस्थित स्थान पर रखने के बजाय प्रतिमा के पास जमा किए जाने से लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महापुरुषों की प्रतिमाएं उनके विचारों और सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान के सम्मान में स्थापित की जाती हैं। ऐसे में प्रतिमाओं के आसपास साफ-सफाई और सम्मानजनक वातावरण बनाए रखना संबंधित विभाग तथा कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। नगर पालिका जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में इस तरह की स्थिति सामने आना रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद स्थानीय स्तर पर इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने नगर पालिका परिषद से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि प्रतिमा के आसपास सामान रखने की अनुमति किसने दी और परिसर के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारियों ने इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया है कि सामान कितने समय से वहां रखा था। यदि किसी कार्यक्रम या आयोजन के लिए बैग और दूसरी सामग्री लाई गई थी तो उसके भंडारण के लिए अलग और सुरक्षित स्थान का प्रबंध क्यों नहीं किया गया। प्रतिमा के नीचे सामान रखने के बजाय नगर पालिका के किसी कक्ष या गोदाम का इस्तेमाल किया जा सकता था।
लोगों का कहना है कि नगर पालिका परिसर में शहर के विकास, साफ-सफाई और जनहित से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं। ऐसी जगह पर स्थापित महापुरुष की प्रतिमा के आसपास बेतरतीब सामान दिखाई देना नगर पालिका प्रशासन की छवि को प्रभावित करता है। प्रशासन को न केवल शहर की स्वच्छता बल्कि अपने कार्यालय परिसर की व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए।
नाराज स्थानीय लोगों ने प्रतिमा के आसपास रखे सभी बैग और अन्य वस्तुओं को तत्काल हटाने की मांग की है। इसके साथ ही प्रतिमा तथा पूरे सभागार परिसर की सफाई कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होने देने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने को कहा गया है। लोगों ने परिसर के रखरखाव की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग उठाई है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामले की विभागीय जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि प्रतिमा के आसपास सामान किसके निर्देश पर रखा गया था। यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने महापुरुषों की सभी प्रतिमाओं के नियमित रखरखाव और सफाई के लिए नगर पालिका स्तर पर विशेष निर्देश जारी करने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में नगर पालिका परिषद की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों की स्वतंत्र पुष्टि भी आवश्यक है। प्रशासन के जवाब के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह सामान किस उद्देश्य से और कितने समय के लिए प्रतिमा के पास रखा गया था।
अब स्थानीय लोगों की नजर नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर सामान हटवाएगा, प्रतिमा स्थल की सफाई कराएगा और ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
TagsDeendayalUpadhyaystatuechaosदीनदयालउपाध्यायप्रतिमाअव्यवस्थाजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





