उत्तर प्रदेश

राम मंदिर में पूजा व्यवस्था में बदलाव, 15 अगस्त से सभी अर्चकों के लिए नया ड्रेस कोड लागू

Kavita2
14 Aug 2026 9:13 AM IST
राम मंदिर में पूजा व्यवस्था में बदलाव, 15 अगस्त से सभी अर्चकों के लिए नया ड्रेस कोड लागू
x

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पूजा व्यवस्था को और व्यवस्थित करने के लिए बड़ा बदलाव किया जा रहा है। मंदिर में दान चोरी की घटना के बाद प्रशासनिक और व्यवस्थागत स्तर पर कई सुधार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब रामलला के अर्चकों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। 15 अगस्त से राम जन्मभूमि मंदिर में तैनात सभी अर्चक एक समान पोशाक में नजर आएंगे।

नए ड्रेस कोड के तहत सभी अर्चकों के लिए पीत वस्त्र निर्धारित किए गए हैं। मंदिर ट्रस्ट की पिछली बैठक में इस प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया था। इसके बाद अब स्वतंत्रता दिवस से इसे लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मंदिर प्रशासन का उद्देश्य है कि पूजा व्यवस्था में एकरूपता और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखा जाए।

नई व्यवस्था के अनुसार गर्मी के मौसम में अर्चकों के लिए नीचे धोती और ऊपर बिना सिले हुए अंगवस्त्र पहनना अनिवार्य होगा। ये अंगवस्त्र विशेष रूप से रेशमी कपड़े के होंगे और इन्हें कंधे पर धारण किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने धार्मिक परंपराओं और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था तैयार की है।

राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीरामलला की पूजा-अर्चना विशेष धार्मिक विधि-विधान के अनुसार होती है। मंदिर में तैनात अर्चकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में ट्रस्ट चाहता है कि सभी अर्चकों की वेशभूषा एक समान हो, जिससे मंदिर की गरिमा और धार्मिक वातावरण और मजबूत हो।

मंदिर ट्रस्ट की ओर से समय-समय पर पूजा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में बदलाव किए जाते रहे हैं। हाल ही में दान और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में भी कई बड़े बदलाव किए गए हैं। अब दान राशि की गणना और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा रहा है।

दान चोरी की घटना के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई थी। इसके बाद सुरक्षा, निगरानी और वित्तीय प्रक्रिया में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। मंदिर ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए नई प्रणाली लागू करने का फैसला किया है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।

नए ड्रेस कोड को लागू करने का निर्णय भी मंदिर की व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। ट्रस्ट का मानना है कि अर्चकों की समान पोशाक से मंदिर में अनुशासन और एकरूपता दिखाई देगी। साथ ही श्रद्धालुओं को भी पूजा व्यवस्था को समझने में आसानी होगी।

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु रामलला के दर्शन करते हैं। ऐसे में मंदिर की पूजा व्यवस्था, सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना ट्रस्ट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

मंदिर प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है कि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिले और धार्मिक परंपराओं का पूरी तरह पालन हो। इसी कड़ी में अर्चकों के लिए निर्धारित नई पोशाक व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

ट्रस्ट के फैसले के अनुसार 15 अगस्त से सभी अर्चक पीत वस्त्रों में पूजा करते नजर आएंगे। यह बदलाव मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था को और व्यवस्थित करने के साथ-साथ पूजा पद्धति में एक नई पहचान भी देगा।

आने वाले समय में मंदिर प्रशासन की ओर से अन्य व्यवस्थाओं में भी सुधार किए जाने की संभावना है। सुरक्षा, दान प्रबंधन, पूजा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है। राम मंदिर ट्रस्ट का लक्ष्य है कि मंदिर संचालन पूरी पारदर्शिता और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप किया जाए।

Next Story