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बूलगढ़ी गांव में फिर बढ़ा जातीय तनाव, दलित और ठाकुर पक्ष की मारपीट में नौ घायल

हाथरस। कोतवाली चंदपा क्षेत्र के बहुचर्चित गांव बूलगढ़ी में एक बार फिर जातीय तनाव की स्थिति बन गई है। मंगलवार देर रात दलित और ठाकुर पक्ष के लोगों के बीच हुई मारपीट में नौ लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस की टीमें गांव में लगातार निगरानी कर रही हैं और दोनों पक्षों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
ग्रामीणों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच तनाव अचानक नहीं बढ़ा है। करीब दो महीने पहले गांव के 19 वर्षीय दलित युवक सनी पुत्र संतोष की ट्रैक्टर के नीचे दबने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। युवक के परिजनों ने इस घटना को दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया था और मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
बताया जा रहा है कि उसी घटना के बाद से गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। मंगलवार रात किसी बात को लेकर विवाद फिर बढ़ गया और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। दोनों पक्षों के लोगों के आमने-सामने आने से स्थिति बिगड़ गई।
मारपीट की सूचना गांव में फैलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन तब तक कई लोग घायल हो चुके थे। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद चंदपा कोतवाली की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने सबसे पहले घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। नौ लोगों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। घायलों की स्थिति को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों पक्षों से पूछताछ शुरू कर दी है। मारपीट किस वजह से शुरू हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही, इसे लेकर जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या मंगलवार रात की घटना का सीधा संबंध दो महीने पहले हुई युवक सनी की मौत से है या किसी अन्य तत्काल विवाद ने मारपीट का रूप लिया।
गांव में पुराने तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है और अधिकारियों द्वारा लगातार स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
बूलगढ़ी गांव पहले भी कई घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में मंगलवार रात हुई मारपीट के बाद प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसी भी तरह की नई झड़प को रोका जाए और दोनों पक्षों के बीच स्थिति को शांत रखा जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दो महीने पहले सनी की मौत के बाद से गांव का माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया था। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि युवक की मौत जानबूझकर कराई गई, जबकि मामले की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर जांच जारी रही।
अब एक बार फिर दोनों सामाजिक पक्षों के बीच मारपीट होने से गांव में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दोनों पक्षों के बीच संवाद और प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो तनाव और बढ़ सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों की भूमिका मारपीट में सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में कई परिवारों के बीच भय और तनाव का माहौल बताया जा रहा है। पुलिस लोगों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रही है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए रात में भी गश्त बढ़ाई गई है।
प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी पक्ष को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति अफवाह फैलाता है या माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घायल लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे।
दो महीने पहले हुई सनी की मौत से जुड़े मामले के दस्तावेजों और मौजूदा घटना के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक यह नहीं कहा गया है कि मंगलवार की मारपीट सीधे उसी मामले का परिणाम थी।
गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस बल को सतर्क रहने और किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बूलगढ़ी में हुई इस घटना ने एक बार फिर गांव के पुराने तनाव को सामने ला दिया है। नौ लोगों के घायल होने के बाद प्रशासन की कोशिश है कि स्थिति आगे न बिगड़े और कानूनी प्रक्रिया के जरिए विवाद को नियंत्रित किया जाए।
फिलहाल गांव में पुलिस तैनात है, घायलों का उपचार जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और दोनों पक्षों से मिले बयानों के आधार पर तय की जाएगी।





