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CEC के पैतृक आवास पर प्रदर्शन के बाद केस, आठ नामजद और 20 अज्ञात पर मुकदमा

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विजय नगर कॉलोनी स्थित पैतृक आवास पर हुए प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 20 अज्ञात लोगों का भी मुकदमे में जिक्र है। पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
प्रदर्शन सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर कॉलोनी स्थित पैतृक आवास के बाहर हुआ था। कांग्रेस कार्यकर्ता वहां पहुंचे और चुनाव आयोग तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान आवास के मुख्य गेट और बाहरी हिस्से पर स्प्रे पेंट से नारे लिखे जाने का भी आरोप है। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दीवार तथा गेट पर लिखे गए नारों को हटवाया।
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी दौरान एक होमगार्ड के साथ मारपीट की गई और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। पुलिस का कहना है कि घटना में होमगार्ड को चोट लगी और वह बेहोश हो गया था।
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें जानलेवा हमला, रास्ता अवरुद्ध करना, सरकारी कार्य में बाधा डालना, गृह अतिचार, दंगा, मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसे आरोप शामिल किए गए हैं। इसके अलावा क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की संबंधित धारा भी लगाई गई है। पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
मुकदमे में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 20 अज्ञात लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। पुलिस ने घटना के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले भी कांग्रेस नेताओं अनिल यादव और मुकेश धनगर की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। पुलिस अन्य नामजद और अज्ञात आरोपियों की तलाश तथा पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और मौके पर बनाए गए वीडियो खंगाल रही है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। कांग्रेस की ओर से देश के कई हिस्सों में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए गए। पार्टी की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग की गई है। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया कानून और निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही है।
आगरा में हुआ प्रदर्शन इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि प्रदर्शनकारी सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त के पैतृक आवास तक पहुंच गए थे। घर के बाहर नारे लिखने और प्रदर्शन करने के वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। मौके से वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन करने के लिए निर्धारित स्थान और प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। किसी के निजी आवास में प्रवेश करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने या किसी सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट करने की स्थिति में कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने राजनीतिक संगठनों से भी प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
मामले की जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रदर्शन में कौन-कौन लोग शामिल थे और किसकी क्या भूमिका थी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे चेहरों की पहचान कर रही है। अज्ञात लोगों की पहचान होने के बाद उनके नाम भी जांच में जोड़े जा सकते हैं।
फिलहाल पुलिस ने दर्ज मुकदमे के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और बाकी लोगों की तलाश जारी है। मामले में लगाए गए गंभीर आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के पैतृक आवास पर हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक विवाद के साथ-साथ कानून-व्यवस्था का मामला भी खड़ा कर दिया है। एक ओर कांग्रेस चुनाव आयोग और CEC को लेकर अपने आरोपों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि विरोध के दौरान कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। आने वाले दिनों में पुलिस जांच के बाद इस मामले में और गिरफ्तारियां या कानूनी कार्रवाई सामने आ सकती है।





