उत्तर प्रदेश

आगरा विश्वविद्यालय में रैगिंग का मामला, सीनियर छात्राओं पर बेइज्जत करने का आरोप

nidhi
8 Oct 2026 9:24 AM IST
आगरा विश्वविद्यालय में रैगिंग का मामला, सीनियर छात्राओं पर बेइज्जत करने का आरोप
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परिचय के नाम पर जूनियर छात्रा का अपमान
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में रैगिंग का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में एमएससी बायोटेक्नोलॉजी प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने सीनियर छात्राओं पर परिचय लेने के बहाने अपमानित करने का आरोप लगाया है। छात्रा का कहना है कि घटना के समय शिक्षक भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने सीनियर छात्राओं को नहीं रोका। पीड़ित छात्रा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एंटी रैगिंग सेल में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय का प्रोक्टोरियल बोर्ड मामले की जांच कर रहा है।
विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित स्कूल ऑफ लाइफ साइंस के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में एमएससी प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। नए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए फ्रेशर पार्टी आयोजित करने की तैयारी चल रही थी। इसी सिलसिले में एमएससी बायोटेक्नोलॉजी द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राएं प्रथम वर्ष की कक्षा में पहुंचे थे।
सीनियर विद्यार्थियों ने जूनियर छात्र-छात्राओं से अपना परिचय देने के लिए कहा। इस दौरान विद्यार्थियों से उनके नाम और शौक के बारे में जानकारी मांगी गई। सामान्य परिचय की इस प्रक्रिया के दौरान प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने सीनियर छात्राओं के व्यवहार पर आपत्ति जताई। छात्रा का आरोप है कि सीनियर छात्राओं ने परिचय लेने के नाम पर उसे अपमानित किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान शिक्षक मौजूद थे, लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया। इससे परेशान होकर छात्रा ने मामले की शिकायत यूजीसी की एंटी रैगिंग सेल में दर्ज करा दी।
शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई है। प्रोक्टोरियल बोर्ड की ओर से घटना के संबंध में विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अब तक एमएससी प्रथम वर्ष के 20 छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं। विद्यार्थियों ने अपने बयानों में बताया है कि सीनियर छात्र-छात्राएं कक्षा में परिचय लेने के लिए आए थे। हालांकि, शिकायत में लगाए गए अपमान और रैगिंग के आरोपों की जांच अभी जारी है।
विश्वविद्यालय में नए विद्यार्थियों का परिचय और स्वागत एक सामान्य शैक्षणिक गतिविधि है। लेकिन परिचय के दौरान किसी विद्यार्थी के साथ अपमानजनक व्यवहार करना या उसे मानसिक रूप से परेशान करना रैगिंग संबंधी नियमों के अंतर्गत जांच का विषय बन सकता है। यूजीसी के एंटी रैगिंग नियमों का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। इन नियमों के तहत संस्थानों को रैगिंग की शिकायतों पर आवश्यक जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करनी होती है।
इस मामले में छात्रा ने शिक्षकों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ऐसे में जांच के दौरान यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि कक्षा में क्या हुआ था और उपस्थित शिक्षकों की भूमिका क्या रही। फिलहाल प्रोक्टोरियल बोर्ड विद्यार्थियों के बयानों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में रैगिंग संबंधी नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच के निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई पर अब नजर बनी हुई है।
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