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वाराणसी। सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर भगवान शिव को जल चढ़ाने जा रहे कांवड़ियों के साथ सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। वाराणसी के चौबेपुर हाईवे पर परिधि अस्पताल के सामने सड़क किनारे विश्राम कर रहे चार कांवड़ियों को तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक कांवड़िए की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, चारों कांवड़िए रविवार रात वाराणसी से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा पर निकले थे। उनका लक्ष्य चौबेपुर क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध मार्कंडेय महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव को जल अर्पित करना था। सावन के पवित्र महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा निकालकर शिव मंदिरों में जल चढ़ाते हैं।
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह कांवड़िए चौबेपुर हाईवे पर परिधि अस्पताल के पास पहुंचे थे। लंबी पैदल यात्रा के कारण थकान होने पर सभी सड़क किनारे कुछ देर के लिए आराम करने लगे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बैठे कांवड़ियों की ओर आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार इतनी तेज गति में थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और उसने सड़क किनारे आराम कर रहे कांवड़ियों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद एक कांवड़िए को मृत घोषित कर दिया। वहीं, तीन अन्य घायल कांवड़ियों का इलाज जारी है। घायलों की हालत और दुर्घटना से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और कार चालक के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक के नियंत्रण खोने की बात सामने आ रही है।
सावन के दौरान कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हैं, ऐसे में हाईवे और प्रमुख मार्गों पर पुलिस की तैनाती भी की जाती है। इसके बावजूद इस तरह का हादसा सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु कई बार सड़क किनारे आराम करते हैं। ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। तेज रफ्तार वाहन अक्सर ऐसे समय में बड़े हादसों का कारण बन जाते हैं।
मार्कंडेय महादेव मंदिर सावन के महीने में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहता है। सोमवार के दिन यहां बड़ी संख्या में कांवड़िए और अन्य श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। इसी कारण क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है।
हादसे के बाद पुलिस ने यातायात व्यवस्था को भी संभाला, ताकि मौके पर भीड़ न लगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद मृतक कांवड़िए के परिवार को सूचना दी गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक का माहौल है। सावन के धार्मिक अवसर पर यात्रा पर निकले श्रद्धालु की मौत से साथी कांवड़ियों में भी दुख और आक्रोश है।
पुलिस अब कार चालक की पहचान और उसकी स्थिति का पता लगाने में जुटी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन की जांच भी की जा रही है। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा सकती है, ताकि हादसे की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
सड़क हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखें। वहीं श्रद्धालुओं को भी सलाह दी जाती है कि वे सुरक्षित स्थानों पर ही विश्राम करें और यातायात नियमों का पालन करें।
फिलहाल चौबेपुर हाईवे पर हुए इस हादसे ने सावन यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक कांवड़िए की मौत और तीन के घायल होने की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।





