उत्तर प्रदेश

होमगार्ड भर्ती की दौड़ में बिगड़ी अभ्यर्थियों की तबीयत, लखनऊ-मेरठ में दो की मौत

Kavita2
16 Sept 2026 9:24 AM IST
होमगार्ड भर्ती की दौड़ में बिगड़ी अभ्यर्थियों की तबीयत, लखनऊ-मेरठ में दो की मौत
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के पहले ही दिन कई स्थानों से अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आईं। मंगलवार को दौड़ के दौरान लखनऊ और मेरठ में एक-एक अभ्यर्थी की मौत हो गई, जबकि लखनऊ, रायबरेली, जौनपुर और मेरठ में कुल मिलाकर दर्जनों अभ्यर्थियों की तबीयत खराब हुई। शुरुआती तौर पर तेज धूप और उमस को अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने की एक संभावित वजह माना जा रहा है।

प्रदेश में होमगार्ड के करीब 40,422 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के तहत मंगलवार से शारीरिक दक्षता परीक्षा शुरू हुई। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। शारीरिक दक्षता परीक्षा के तहत अभ्यर्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार दौड़ पूरी करनी थी। इसी दौरान अलग-अलग जिलों में कई अभ्यर्थियों को चक्कर आने, कमजोरी महसूस होने और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की सूचना सामने आई।

लखनऊ में शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान पांच अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी है। इनमें से एक अभ्यर्थी की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बीमार पड़े अन्य अभ्यर्थियों को उपचार उपलब्ध कराया। भर्ती परीक्षा के दौरान हुई मौत से परीक्षा केंद्र पर मौजूद दूसरे अभ्यर्थियों में भी चिंता का माहौल रहा।

मेरठ में भी इसी तरह की घटना सामने आई। यहां शारीरिक दक्षता परीक्षा की दौड़ के दौरान करीब 10 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से एक अभ्यर्थी की मौत की सूचना है। अन्य बीमार अभ्यर्थियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। घटना के बाद भर्ती केंद्र पर स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

रायबरेली में भी शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बीमार पड़े। यहां करीब 11 अभ्यर्थियों की तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आई है। वहीं जौनपुर में यह संख्या और अधिक रही। यहां दौड़ के दौरान करीब 20 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी। इस तरह चार जिलों में कम से कम 46 अभ्यर्थियों के बीमार पड़ने की सूचना है।

एक ही दिन अलग-अलग जिलों में इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने के पीछे मौसम की परिस्थितियों को भी एक संभावित कारण माना जा रहा है। सितंबर के महीने में कई स्थानों पर धूप के साथ उमस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे मौसम में लगातार तेज गति से दौड़ने पर शरीर में पानी की कमी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि दोनों अभ्यर्थियों की मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि संबंधित मेडिकल जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

होमगार्ड भर्ती को लेकर लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में शारीरिक दक्षता परीक्षा को लेकर खासा उत्साह है। प्रदेश में करीब 40 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। लिखित और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं के साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा भर्ती का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मंगलवार से शुरू हुई शारीरिक दक्षता परीक्षा में अभ्यर्थियों को तय समय के भीतर दौड़ पूरी करनी है। इसके लिए अभ्यर्थी कई महीनों से तैयारी कर रहे थे। लेकिन परीक्षा के पहले दिन ही अलग-अलग जिलों में स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं ने परीक्षा के दौरान मेडिकल व्यवस्थाओं और मौसम के प्रभाव को चर्चा में ला दिया है।

ऐसी शारीरिक परीक्षाओं में अभ्यर्थियों पर काफी शारीरिक दबाव रहता है। खासतौर पर गर्म और उमस भरे मौसम में दौड़ के दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। विशेषज्ञ आमतौर पर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को मौसम के अनुकूल रखने और किसी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में अत्यधिक शारीरिक दबाव से बचने की सलाह देते हैं। भर्ती परीक्षा के दौरान किसी अभ्यर्थी को परेशानी महसूस होने पर तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध होना भी महत्वपूर्ण है।

लखनऊ, रायबरेली, जौनपुर और मेरठ में सामने आई घटनाओं के बाद भर्ती प्रक्रिया के आगामी दिनों में मेडिकल और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर भी निगाह रहेगी। हजारों अभ्यर्थियों को अभी शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होना है, इसलिए परीक्षा केंद्रों पर एम्बुलेंस, मेडिकल टीम, पेयजल और प्राथमिक उपचार जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण रहेंगी।

फिलहाल लखनऊ और मेरठ में अभ्यर्थियों की मौत के मामलों में विस्तृत जानकारी और मेडिकल निष्कर्ष का इंतजार है। दोनों मौतों को सीधे गर्मी या उमस से जोड़ना मेडिकल पुष्टि के बिना उचित नहीं होगा। वहीं मंगलवार को चार जिलों में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के बीमार पड़ने के बाद भर्ती परीक्षा के अगले चरणों में अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत सामने आई है।

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