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उत्तर प्रदेश
300 मीटर दूर के कैमरे ने खोला राज, एटीएम में चोरी की कोशिश का खुलासा
nidhi
2 Nov 2026 9:10 AM IST

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बाहर की फुटेज से आरोपी की पहचान का दावा
हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के मुरसान कस्बे में एटीएम तोड़कर नकदी चोरी करने की कोशिश के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उसकी पहचान में सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दी चाल और चप्पलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एटीएम बूथ के भीतर की रिकॉर्डिंग में चेहरा स्पष्ट नहीं था। इसके बाद आसपास लगे कैमरों की फुटेज देखी गई। घटनास्थल से लगभग 300 मीटर दूर मिले दृश्य और स्थानीय पूछताछ के आधार पर पुलिस संदिग्ध तक पहुंची।
आरोपी की पहचान मुरसान के किला मढ़ैया निवासी सनी के रूप में बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, उसके बाएं पैर में करीब दो सप्ताह पहले जलने की चोट लगी थी। स्थानीय पूछताछ में मिली इस जानकारी को फुटेज में दिखाई दे रही असामान्य चाल से जोड़ा गया। चौड़ी पट्टी वाली चप्पलें भी पहचान की प्रक्रिया में सुराग बनीं। हालांकि, यह पुलिस की जांच का विवरण है। चाल या पहनावे की समानता अपने आप में किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं होती; अन्य साक्ष्यों के साथ उसका मूल्यांकन आवश्यक है।
घटना हाथरस-मथुरा मार्ग पर मुरसान रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एटीएम की है। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात मशीन को नुकसान पहुंचाकर नकदी निकालने की कोशिश की गई थी। शुरुआती खबरों में मशीन और निगरानी उपकरणों में तोड़फोड़ की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, नकदी निकालने का प्रयास सफल नहीं हुआ। इसलिए इसे एटीएम से रकम लूट ले जाने की घटना कहना सही नहीं होगा। मशीन को नुकसान पहुंचना और उसके भीतर रखी नकदी चोरी होना अलग तथ्य हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने एटीएम से संबंधित तकनीकी जानकारी के आधार पर घटना का समय रात 2:53 बजे से 3:10 बजे के बीच निर्धारित किया। बूथ की ट्यूबलाइट क्षतिग्रस्त होने से भीतर अंधेरा था और रिकॉर्डिंग से चेहरा स्पष्ट नहीं हो रहा था। इसके बाद जांच का दायरा आसपास के मार्गों तक बढ़ाया गया। पुलिस का कहना है कि बाहर की फुटेज ने आगे की पड़ताल के लिए दिशा दी। इस मामले में अलग-अलग कैमरों से मिली जानकारी को साथ देखकर संदिग्ध की तलाश की गई।
उपलब्ध समाचार विवरण के अनुसार, एटीएम को नुकसान पहुंचाने के लिए लोहे के टायर लीवर के इस्तेमाल का आरोप है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी दी है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में बरामद सामान की पूरी सूची, प्राथमिकी संख्या और लागू धाराओं का विस्तृत विवरण स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसी औजार की बरामदगी या अन्य सामान मिलने का अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता। इसी प्रकार घटना के पीछे किसी बड़े गिरोह की भूमिका की पुष्टि भी सामने नहीं आई है। राज्यों से समाचार -
इस मामले की खास बात यह है कि पुलिस को शुरुआती पहचान चेहरे से नहीं मिली। चलने का ढंग और पहनावा जांच आगे बढ़ाने का आधार बने। ऐसे संकेत संदिग्धों की सूची सीमित करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन उनकी सीमाएं भी होती हैं। एक जैसे कपड़े या चप्पलें कई लोगों के पास हो सकती हैं। चोट के कारण चाल बदलना भी केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित विशेषता नहीं है। इसलिए इन संकेतों को स्वतंत्र और अंतिम पहचान के बजाय जांच की कड़ी के रूप में समझना अधिक सटीक है।
सीसीटीवी फुटेज की उपयोगिता उसके रिकॉर्ड होने के साथ उसकी गुणवत्ता पर भी निर्भर करती है। रोशनी, कैमरे का कोण और दृश्य में मौजूद अवरोध यह तय करते हैं कि रिकॉर्डिंग से कितनी जानकारी मिलेगी। इस प्रकरण में बूथ की रिकॉर्डिंग स्पष्ट चेहरा नहीं दिखा सकी, लेकिन बाहर के दृश्य उपयोगी बताए गए। इससे निगरानी व्यवस्था के अलग-अलग हिस्सों के महत्व का पता चलता है। हालांकि, उपलब्ध फुटेज की फॉरेंसिक जांच हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं मिली है।
स्थानीय पूछताछ और डिजिटल रिकॉर्ड को जोड़ना पुलिस जांच के दो अलग पहलू हैं। किसी व्यक्ति के पैर में चोट होने की जानकारी एक सुराग हो सकती है, जबकि रिकॉर्डिंग में दिखाई दे रहे व्यक्ति से उसका संबंध स्थापित करना अगला प्रश्न है। मामले में पुलिस का दावा इन्हीं कड़ियों को जोड़ने का है। आगे अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य और संबंधित पक्षों की दलीलें आरोपों की जांच का आधार बनेंगी। गिरफ्तारी को जांच की प्रगति माना जा सकता है, अंतिम न्यायिक परिणाम नहीं।
एटीएम में तोड़फोड़ की घटना बैंकिंग सुविधा के संचालन को भी प्रभावित कर सकती है। मशीन के क्षतिग्रस्त होने पर नकदी निकालने आए ग्राहकों को दूसरी जगह जाना पड़ सकता है। फिर भी इस मामले में मरम्मत की लागत, मशीन में मौजूद रकम या सेवा दोबारा शुरू होने की तारीख उपलब्ध नहीं है। इन विषयों पर बिना अधिकृत विवरण के अनुमान जोड़ना उचित नहीं होगा। संबंधित संचालक या बैंक की जानकारी मिलने पर ही नुकसान का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।
फिलहाल पुलिस ने मुरसान में एटीएम तोड़कर चोरी के प्रयास का खुलासा करने और एक आरोपी को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। पहचान में चाल, चप्पलों और पैर की चोट को महत्वपूर्ण सुराग बताया गया है। नकदी चोरी होने की पुष्टि नहीं है। आगे मामले की स्थिति प्राथमिकी, बरामदगी के अधिकृत विवरण और न्यायिक कार्रवाई से स्पष्ट होगी। आरोपी का विस्तृत पक्ष भी उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आया है।
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