उत्तर प्रदेश

PRD जवानों की बढ़ी कमाई कैबिनेट का बड़ा फैसला

Ratna Netam
15 Sept 2026 8:17 PM IST
PRD जवानों की बढ़ी कमाई कैबिनेट का बड़ा फैसला
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें प्रांतीय रक्षक दल यानी पीआरडी जवानों के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी, कैशलेस इलाज, किसानों को सस्ता कर्ज, राशन डीलरों को राहत, नई अदालतों की स्थापना, एथेनॉल प्लांट और किरायेदारी व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट के फैसलों में सबसे ज्यादा चर्चा पीआरडी जवानों को मिली राहत की हो रही है। सरकार ने उनका दैनिक ड्यूटी भत्ता ₹500 से बढ़ाकर ₹600 करने का फैसला किया है। यानी प्रत्येक ड्यूटी दिवस पर अब उन्हें पहले की तुलना में ₹100 ज्यादा मिलेंगे।
पीआरडी जवानों को अब ₹600 रोजाना
पीआरडी जवानों को अभी तक ड्यूटी करने पर ₹500 प्रतिदिन का भुगतान किया जा रहा था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे बढ़ाकर ₹600 प्रतिदिन कर दिया गया है।
अगर किसी जवान को महीने में 30 दिन की ड्यूटी मिलती है तो ₹600 प्रतिदिन के हिसाब से रकम ₹18,000 तक होगी। हालांकि वास्तविक भुगतान ड्यूटी के दिनों पर निर्भर करेगा।
इससे पहले अप्रैल 2025 में योगी सरकार ने पीआरडी जवानों का भत्ता ₹395 से बढ़ाकर ₹500 प्रतिदिन किया था। उस समय ₹105 प्रतिदिन की बढ़ोतरी की गई थी। अब एक बार फिर ₹100 की बढ़ोतरी हुई है।
परिवार को भी ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
केवल भत्ता बढ़ाना ही नहीं, पीआरडी जवानों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला किया गया है।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कैशलेस योजना के तहत पात्र पीआरडी जवानों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी है।
इसके तहत **₹5 लाख तक मुफ्त इलाज** की सुविधा मिलेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक इस सुविधा के लिए पात्रता की एक शर्त यह होगी कि संबंधित पीआरडी जवान ने एक वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन महीने ड्यूटी की हो। योजना पर सरकार को सालाना करीब ₹9.34 करोड़ खर्च आने का अनुमान है और प्रति लाभार्थी ₹3,000 प्रीमियम की व्यवस्था बताई गई है।
पीआरडी जवानों को दोहरी राहत
इस फैसले को पीआरडी जवानों के लिए दोहरी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
एक तरफ दैनिक भत्ते में ₹100 की बढ़ोतरी हुई है तो दूसरी तरफ परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाया गया है।
पीआरडी जवानों को प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, मेलों, धार्मिक आयोजनों, सरकारी संस्थानों और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में लगाया जाता है।
कई मौकों पर वे पुलिस और प्रशासन के सहयोगी के रूप में काम करते हैं।
लंबे समय से उनके मानदेय और सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं में बढ़ोतरी की मांग उठती रही है।
किसानों को भी बड़ी राहत
योगी कैबिनेट की बैठक केवल पीआरडी जवानों तक सीमित नहीं रही। किसानों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया गया।
सरकार ने किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
रिपोर्टों के मुताबिक किसानों को **₹6 लाख तक का ऋण 6 प्रतिशत ब्याज दर** पर उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूर किया है।
सरकार का उद्देश्य किसानों को कृषि और उससे संबंधित जरूरतों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता वित्त उपलब्ध कराना है।
महंगे कर्ज के कारण किसानों की उत्पादन लागत बढ़ती है। ऐसे में कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध होने से पात्र किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राशन डीलरों के लिए भी फैसला
कैबिनेट ने उचित दर की दुकानों यानी राशन डीलरों से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े कोटेदार लंबे समय से अपना कमीशन या मार्जिन बढ़ाने की मांग करते रहे हैं।
कैबिनेट बैठक में उनके मार्जिन में बढ़ोतरी से जुड़े फैसले को हरी झंडी दी गई है।
प्रदेश में लाखों परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए राशन प्राप्त करते हैं। इस पूरी व्यवस्था को जमीन पर चलाने में उचित दर दुकानदारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
900 नई अदालतों का रास्ता साफ
उत्तर प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी कैबिनेट बैठक महत्वपूर्ण रही।
प्रदेश में **900 नई अदालतें** स्थापित करने और उनसे जुड़े **6,656 नियमित पदों** के सृजन का प्रस्ताव भी प्रमुख फैसलों में शामिल है।
नई अदालतें बनने से लंबित मुकदमों का दबाव कम करने और मामलों के निस्तारण की गति बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नए पदों के सृजन से न्यायिक व्यवस्था को आवश्यक मानव संसाधन भी उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में अदालतों पर मुकदमों का भारी दबाव रहता है। ऐसे में नई अदालतों की स्थापना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
मथुरा में एथेनॉल प्लांट
कैबिनेट ने औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।
मथुरा में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने से जुड़े प्रस्ताव पर सरकार ने मुहर लगाई है।
एथेनॉल उत्पादन को केंद्र और राज्य सरकारें पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ावा दे रही हैं।
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के साथ कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
मथुरा में प्रस्तावित प्लांट से स्थानीय स्तर पर निवेश और रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद की जा सकती है।
खिलौना उद्योग के लिए नई नीति
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाया है।
कैबिनेट ने **नई खिलौना प्रोत्साहन नीति** को मंजूरी दी है।
सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को घरेलू खिलौना निर्माण का बड़ा केंद्र बनाना है।
भारत में खिलौनों के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश लंबे समय से चल रही है।
नई नीति के तहत निवेशकों को किस प्रकार की रियायत और प्रोत्साहन मिलेगा, इसकी विस्तृत शर्तें संबंधित शासनादेश और नीति दस्तावेज से स्पष्ट होंगी।
किराए पर मकान लेना-देना होगा आसान
कैबिनेट बैठक में मकान मालिक और किरायेदारों से जुड़े नियमों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है।
सरकार का दावा है कि नए प्रावधानों से प्रदेश में **किराए पर मकान लेना और देना सरल** होगा।
उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में किराये के मकानों का बड़ा बाजार है।
किरायेदार और मकान मालिक के बीच किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट, अनुबंध और मकान खाली कराने जैसे मुद्दों पर विवाद भी सामने आते रहते हैं।
सरकार इस व्यवस्था को ज्यादा स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
सरकार का फोकस कई वर्गों पर
15 सितंबर की कैबिनेट बैठक के फैसलों को देखें तो सरकार ने एक साथ कई सामाजिक और आर्थिक वर्गों को साधने की कोशिश की है।
पीआरडी जवानों को बढ़ा हुआ भत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है।
किसानों के लिए सस्ता ऋण महत्वपूर्ण है।
कोटेदारों के मार्जिन पर फैसला हुआ है।
न्यायिक ढांचे के लिए नई अदालतों और पदों का रास्ता साफ किया गया है।
उद्योग के स्तर पर एथेनॉल और खिलौना निर्माण को बढ़ावा देने की तैयारी है।
इस तरह कैबिनेट के फैसले कर्मचारी कल्याण से लेकर कृषि, न्याय, स्वास्थ्य और उद्योग तक फैले हुए हैं।
पीआरडी जवानों के लिए लगातार दूसरी बड़ी बढ़ोतरी
पीआरडी जवानों के नजरिए से देखें तो करीब डेढ़ साल के भीतर उनके दैनिक भत्ते में दूसरी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है।
अप्रैल 2025 में ₹395 प्रतिदिन से बढ़ाकर ₹500 किया गया था।
अब सितंबर 2026 में इसे ₹600 प्रतिदिन करने की मंजूरी दी गई है।
यानी अप्रैल 2025 से तुलना करें तो दैनिक भुगतान में कुल ₹205 की बढ़ोतरी हो चुकी है।
₹395 से ₹600 तक पहुंचना करीब 52 प्रतिशत की वृद्धि बैठती है।
हालांकि पीआरडी स्वयंसेवकों की वास्तविक मासिक आय इस बात पर निर्भर करती है कि उन्हें महीने में कितने दिन ड्यूटी मिलती है।
स्वास्थ्य सुविधा ज्यादा महत्वपूर्ण क्यों?
पीआरडी जवानों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
कम या अनिश्चित आय वाले परिवार के लिए किसी गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने का खर्च बड़ा वित्तीय संकट पैदा कर सकता है।
₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा पात्र जवानों और उनके आश्रितों को ऐसी स्थिति में आर्थिक सुरक्षा दे सकती है।
हालांकि इसका लाभ किन अस्पतालों में मिलेगा, कौन-कौन सी बीमारियां कवर होंगी और क्लेम की प्रक्रिया क्या होगी, इसकी पूरी जानकारी योजना के विस्तृत दिशानिर्देशों से स्पष्ट होगी।
2027 चुनाव से पहले फैसलों पर राजनीतिक नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
ऐसे में सरकार की ओर से अलग-अलग कर्मचारी और सामाजिक समूहों के लिए लिए जा रहे फैसलों को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
हाल के दिनों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय तथा स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े फैसले भी सामने आए हैं। सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा पीआरडी जवानों समेत विभिन्न वर्गों तक बढ़ाने पर जोर दिया है।
हालांकि सरकार इन फैसलों को कल्याणकारी और प्रशासनिक सुधारों का हिस्सा बता रही है।
23 प्रस्तावों पर लगी मुहर
मंगलवार की बैठक में कुल मिलाकर **23 प्रस्तावों को मंजूरी** मिलने की पुष्टि कई रिपोर्टों में हुई है।
इनमें पीआरडी जवानों का ड्यूटी भत्ता बढ़ाकर ₹600 करना सबसे सीधे तौर पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को प्रभावित करने वाला फैसला है।
इसके साथ ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा ने निर्णय को केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं रहने दिया है।
किसानों, कोटेदारों, न्यायिक व्यवस्था और उद्योग से जुड़े दूसरे फैसलों के कारण कैबिनेट बैठक का दायरा भी काफी व्यापक रहा।
अब इन प्रस्तावों से संबंधित विभागों की ओर से शासनादेश, विस्तृत नियम और क्रियान्वयन की तारीखें जारी होने पर इनके वास्तविक लाभ और प्रक्रिया की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
फिलहाल पीआरडी जवानों के लिए सबसे बड़ी खबर यही है कि **₹500 प्रतिदिन मिलने वाला ड्यूटी भत्ता बढ़कर ₹600 हो गया है और पात्र जवानों तथा उनके परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
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