उत्तर प्रदेश

कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने छात्रों के लिए नई शिक्षा एवं मनोरंजन केंद्र की रूपरेखा साझा की

SHIDDHANT
12 Nov 2025 10:50 PM IST
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने छात्रों के लिए नई शिक्षा एवं मनोरंजन केंद्र की रूपरेखा साझा की
x
Gorakhpur गोरखपुर: नक्षत्रशाला और साइंस पार्क के निर्माण के लिए बड़ी योजना पर काम जारी है। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने इस परियोजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि नक्षत्रशाला के निर्माण पर 45 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं, जबकि साइंस पार्क में लगभग 18 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि यह दोनों परियोजनाएं न केवल बच्चों और छात्रों के लिए मनोरंजन का साधन होंगी, बल्कि उन्हें विज्ञान के प्रति रुचि और सीखने का अवसर भी प्रदान करेंगी। नक्षत्रशाला एक ऐसा केंद्र होगा, जहां आने वाले छात्र और युवा खगोलशास्त्र और तारामंडल की दुनिया का अनुभव कर सकेंगे।
साइंस पार्क में बच्चों के लिए विज्ञान गैलरी, कैफेटेरिया और 3D थिएटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे विज्ञान की खोज और मनोरंजन दोनों का अनुभव कर सकेंगे। मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि यह पार्क विज्ञान पिकनिक स्पॉट के रूप में भी काम करेगा, जिससे बच्चों को खेल और अध्ययन दोनों के लिए प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, "हम चाहते हैं कि बच्चे केवल कक्षाओं तक सीमित न रहें, बल्कि आधुनिक विज्ञान उपकरणों और तकनीक के जरिए अपनी जिज्ञासा और नवाचार की क्षमता को विकसित करें। नक्षत्रशाला और साइंस पार्क इसके लिए एक आदर्श मंच प्रस्तुत करेंगे।"
कैबिनेट मंत्री ने यह भी बताया कि परियोजना के दौरान विशेष ध्यान सुरक्षा और सुविधाओं पर दिया जा रहा है। पार्क में बच्चों और परिवारों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई और पर्यावरणीय सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। गोरखपुर के लिए यह परियोजना शिक्षा और पर्यटन दोनों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मंत्री ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य बच्चों और छात्रों को विज्ञान के प्रति उत्साहित करना और उनके लिए सीखने की नई संभावनाएं खोलना है।
अनिल कुमार ने कहा कि भविष्य में इस केंद्र में विज्ञान प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और एग्ज़िबिशन्स का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे छात्रों का अनुभव और ज्ञान और बढ़े। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और शिक्षा अधिकारियों से परियोजना को समय पर पूरा कराने और इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस पहल से गोरखपुर में विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और शहर को शैक्षिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने में मदद मिलेगी। बच्चों और युवाओं के लिए यह केंद्र ज्ञान, मनोरंजन और अनुसंधान का एक अनूठा संगम साबित होगा।
Next Story