उत्तर प्रदेश

24 लाख रुपये के लिए व्यापारी की हत्या, गर्लफ्रेंड ने दी लोकेशन, 5 लाख में दी गई थी सुपारी

Kavita2
1 Nov 2026 9:27 AM IST
24 लाख रुपये के लिए व्यापारी की हत्या, गर्लफ्रेंड ने दी लोकेशन, 5 लाख में दी गई थी सुपारी
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बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में व्यापारी नितेश मौर्य की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, 24 लाख रुपये के लेनदेन और आपसी रंजिश के चलते व्यापारी की हत्या की साजिश रची गई थी। मुख्य आरोपी मनोज मौर्य पर आरोप है कि उसने रुपये हड़पने के इरादे से पांच लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। इस वारदात में मृतक की महिला मित्र की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि महिला मित्र ने नितेश के घर लौटने की सूचना हत्यारोपियों तक पहुंचाई थी। इसके बाद कार सवार बदमाशों ने व्यापारी का अपहरण किया और सीतापुर ले जाकर गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। बाराबंकी पुलिस की स्वाट, सर्विलांस और बड्डूपुर थाने की संयुक्त टीम ने महज 30 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड की जड़ में पैसों का विवाद था। व्यापारी नितेश मौर्य और मुख्य आरोपी मनोज मौर्य के बीच लंबे समय से आर्थिक लेनदेन चल रहा था। बताया गया कि मनोज ने आरओ प्लांट से संबंधित काम के लिए नितेश से 14 लाख रुपये लिए थे। इसके अलावा धान खरीद के कारोबार से जुड़े 10 लाख रुपये का भी लेनदेन था। इस तरह कुल 24 लाख रुपये को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी रकम को हड़पने और रुपये वापस करने से बचने के लिए मनोज ने नितेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी मनोज मौर्य ने व्यापारी की हत्या कराने के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी देने की साजिश रची थी। इसके बाद वारदात को अंजाम देने के लिए अन्य लोगों को शामिल किया गया। आरोपियों ने व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे सुनसान स्थान तक पहुंचाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में नितेश की महिला मित्र की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

बताया जा रहा है कि महिला मित्र को व्यापारी के आने-जाने की जानकारी थी। आरोप है कि उसने नितेश के घर लौटने की सूचना आरोपियों तक पहुंचाई। इसी जानकारी के आधार पर कार सवार बदमाश सक्रिय हुए और उन्होंने व्यापारी को निशाना बनाया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने नितेश का अपहरण कर उसे कार में बैठाया और बाराबंकी से सीतापुर की ओर ले गए।

सीतापुर पहुंचने के बाद आरोपियों ने व्यापारी की गला रेतकर हत्या कर दी। इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। व्यापारी की हत्या की जानकारी सामने आने पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। हत्या के पीछे की वजह और इसमें शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों को लगाया गया।

बाराबंकी पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और बड्डूपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, संदिग्धों की गतिविधियों और अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। अधिकारियों के अनुसार, टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 30 घंटे के भीतर वारदात की साजिश का खुलासा कर दिया।

जांच के दौरान पुलिस को व्यापारी और मुख्य आरोपी के बीच आर्थिक विवाद की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने रुपये के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की। इसी क्रम में आरोपियों की भूमिका सामने आई। पुलिस का दावा है कि आर्थिक विवाद के कारण ही हत्या की योजना तैयार की गई थी।

संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, इसी कार का इस्तेमाल व्यापारी के अपहरण और उसे सीतापुर ले जाने के लिए किया गया था।

इस मामले में महिला मित्र की भूमिका को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का आरोप है कि उसने नितेश की गतिविधियों की जानकारी हत्यारोपियों तक पहुंचाकर साजिश में सहयोग किया। हालांकि, उपलब्ध विवरण में महिला मित्र की गिरफ्तारी और उसकी पहचान को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में उसकी कानूनी स्थिति के संबंध में पुलिस की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

व्यापारी की हत्या के इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस व्यक्ति के साथ आर्थिक लेनदेन चल रहा था, उसी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, मनोज मौर्य ने 24 लाख रुपये के विवाद को समाप्त करने के लिए हत्या का रास्ता चुना। पांच लाख रुपये में सुपारी देने का आरोप इस वारदात को पूर्व नियोजित अपराध की ओर संकेत करता है।

पुलिस अब आरोपियों के बीच संपर्क, सुपारी की रकम और हत्या की पूरी साजिश से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि हत्या की योजना कब बनाई गई और वारदात में शामिल सभी लोगों की क्या-क्या भूमिका थी। हालांकि, इन बिंदुओं पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

बाराबंकी पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा 30 घंटे में किए गए खुलासे के बाद मामले की जांच अब आगे की कानूनी प्रक्रिया की ओर बढ़ रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपियों पर लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में होगा।

फिलहाल 24 लाख रुपये के विवाद में व्यापारी की हत्या का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आर्थिक लेनदेन, सुपारी देकर हत्या कराने की कथित साजिश और महिला मित्र की संदिग्ध भूमिका ने इस हत्याकांड को गंभीर बना दिया है। पुलिस की आगे की जांच में वारदात से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।

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