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संभल: गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। बहजोई क्षेत्र में लहरावन इंटरचेंज से बदायूं की ओर करीब दो किलोमीटर आगे बहराइच से जालंधर जा रही एक निजी डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर के गड्ढे में पलट गई। हादसे के समय बस में करीब 150 यात्री सवार थे, जिनमें से 24 यात्री घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां अधिकांश यात्रियों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, दुर्घटना रविवार सुबह करीब पांच बजे हुई। बताया जा रहा है कि बस तेज रफ्तार से गंगा एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान चालक का नियंत्रण बस से हट गया और बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने डिवाइडर के गड्ढे में जा गिरी।
हादसा इतना अचानक हुआ कि बस में सवार यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और अस्पतालों में भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद कई यात्रियों की हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, हादसे में घायल यात्रियों में कुछ को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ यात्रियों को गंभीर चोटें लगी हैं। सभी घायलों का उपचार चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है।
घटना के बाद गंगा एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को संभाला और दुर्घटनाग्रस्त बस को हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य कर दी गई।
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक का नियंत्रण खोना बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। बस की तकनीकी स्थिति और चालक की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
यात्रियों ने बताया कि बस बहराइच से जालंधर की ओर जा रही थी। बस में बड़ी संख्या में लोग सफर कर रहे थे। अचानक हुए हादसे के कारण यात्रियों में भय का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने बताया कि बस पलटने के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत मदद पहुंचाई, जिससे राहत कार्य तेजी से शुरू हो सका।
प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजा। जिला प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल भी जाना।
गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे में शामिल है और इस पर बड़ी संख्या में वाहन लगातार चलते हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, तेज रफ्तार, चालक की थकान और लापरवाही सड़क हादसों के प्रमुख कारण बनते हैं।
पुलिस ने यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें। खासकर एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करना जरूरी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता घायल यात्रियों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और दुर्घटना के कारणों का पता लगाना है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। राहत की बात यह रही कि इतने बड़े हादसे के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई और घायलों को समय रहते चिकित्सा सहायता मिल गई।





