- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- अलीगढ़ में सात दुकानों...
अलीगढ़ में सात दुकानों पर चला बुलडोजर, मशहूर प्रेमी पराठा की दुकान भी ध्वस्त

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में बन्नादेवी थाना क्षेत्र के सूतमिल स्थित बीमा नगर में शुक्रवार को दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान हंगामा हो गया। यहां एक साथ सात दुकानों को तोड़ दिया गया। ध्वस्त की गई दुकानों में इलाके की मशहूर प्रेमी पराठा की दुकान भी शामिल है। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें बिना नोटिस दिए दुकानें तोड़ी जा रही हैं। वहीं, पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई है।
दुकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई। मौके पर दुकानदारों और संबंधित टीम के बीच विरोध की स्थिति बनी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बन्नादेवी थाने की पुलिस, पीएसी और राजस्व विभाग की टीम तैनात रही। अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में सात दुकानों को ध्वस्त किया गया।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का सवाल भी खड़ा हो गया है। जिन दुकानों को तोड़ा गया, उनमें लंबे समय से कारोबार कर रहे दुकानदार शामिल थे। हालांकि, दुकानदारों के विरोध और नोटिस नहीं मिलने के आरोपों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सात दुकानों पर की गई कार्रवाई
बीमा नगर में शुक्रवार को की गई कार्रवाई के दौरान कुल सात दुकानों को ध्वस्त किया गया। इनमें प्रेमी पराठा की दुकान भी शामिल थी, जो इलाके में मशहूर बताई जाती है। दुकान टूटने के बाद आसपास के क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने विरोध जताया। उनका आरोप था कि दुकानें तोड़ने से पहले उन्हें नोटिस नहीं दिया गया। दुकानदारों की ओर से उठाए गए इस सवाल के बीच ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रही। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक टीम की तैनाती के बीच दुकानों को तोड़ा गया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि सातों दुकानों को ध्वस्त करने के लिए न्यायालय ने किस मामले में आदेश जारी किया था और संबंधित आदेश की शर्तें क्या थीं। पुलिस ने कार्रवाई को कोर्ट के आदेश के तहत बताया है।
प्रेमी पराठा की दुकान भी ध्वस्त
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में प्रेमी पराठा की दुकान भी शामिल रही। यह दुकान इलाके में अपनी पहचान रखती थी। सात दुकानों के साथ इसका भी ध्वस्तीकरण कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक और अन्य दुकानदारों ने विरोध जताया।
स्थानीय कारोबारियों के लिए दुकानें उनकी आजीविका का साधन होती हैं। ऐसे में दुकानों के टूटने से उनके सामने आगे कारोबार जारी रखने को लेकर चुनौती खड़ी हो सकती है। हालांकि, संबंधित दुकानदारों की आगे की योजना या वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
इस कार्रवाई ने दुकानदारों और प्रशासन के बीच नोटिस तथा न्यायालय के आदेश की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। एक ओर दुकानदार बिना नोटिस दिए कार्रवाई किए जाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि ध्वस्तीकरण कोर्ट के आदेश पर किया गया है।
मौके पर पुलिस, पीएसी और राजस्व विभाग तैनात
ध्वस्तीकरण के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। मौके पर बन्नादेवी थाने की पुलिस के साथ पीएसी और राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही।
कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने विरोध किया, जिसके चलते मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। ऐसे में पुलिस बल की मौजूदगी महत्वपूर्ण रही। अधिकारियों की टीम की मौजूदगी में सात दुकानों को ध्वस्त किया गया।
पुलिस के मुताबिक, न्यायालय के आदेश के आधार पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि, उपलब्ध विवरण में न्यायालय के आदेश की तारीख, मामले के पक्षकारों या दुकानों से संबंधित विवाद की प्रकृति का उल्लेख नहीं है। इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सकेगी।
बिना नोटिस कार्रवाई का दुकानदारों ने लगाया आरोप
ध्वस्तीकरण के दौरान दुकानदारों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें दुकानें तोड़ने से पहले नोटिस नहीं दिया गया। उनका विरोध इसी बात को लेकर था कि कार्रवाई से पहले उन्हें पर्याप्त सूचना नहीं मिली। दूसरी ओर पुलिस ने कार्रवाई को कोर्ट के आदेश के अनुरूप बताया है।
फिलहाल, दुकानदारों के आरोप और पुलिस के बयान के बीच नोटिस से जुड़ी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की ओर से इस आरोप पर अलग से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए बिना नोटिस कार्रवाई किए जाने के आरोप को दुकानदारों का दावा ही माना जाना चाहिए।
किसी भी ध्वस्तीकरण कार्रवाई में संबंधित न्यायालय के आदेश, प्रशासनिक प्रक्रिया और प्रभावित पक्षों को दी गई सूचना से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण होती है। बीमा नगर में सात दुकानों पर हुई कार्रवाई के मामले में भी इन पहलुओं पर विस्तृत विवरण सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।
कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा
सूतमिल स्थित बीमा नगर में सात दुकानों के ध्वस्तीकरण और इनमें प्रेमी पराठा की दुकान के शामिल होने के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने विरोध किया, जबकि पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण किया गया।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई। वहीं, दुकानदारों ने बिना नोटिस दुकानें तोड़े जाने का आरोप लगाया है। अब मामले में न्यायालय के आदेश और नोटिस संबंधी प्रक्रिया का विस्तृत विवरण सामने आने पर ही विवाद के इन पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





