- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- पंचायत सहायकों के...
उत्तर प्रदेश
पंचायत सहायकों के समर्थन में BSP सुप्रीमो मायावती ने खोला मोर्चा
Ratna Netam
13 Sept 2026 2:43 PM IST

x
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के करीब 58 हजार पंचायत सहायकों के मुद्दे को लेकर सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। मायावती ने पंचायत सहायकों की समस्याओं को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को उनकी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक फैसला लेना चाहिए।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए पंचायत सहायकों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों की सेवाएं ग्रामीण स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर उठी आवाज
उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायक लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। इनमें मानदेय बढ़ाने, सेवा से जुड़ी स्थिरता और अन्य सुविधाओं को लेकर मांगें शामिल हैं। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे गांवों में सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने और पंचायत स्तर के कामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मायावती ने कहा कि पंचायत सहायकों की संख्या लगभग 58 हजार है और इतने बड़े समूह की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस मामले में सकारात्मक कदम उठाने की मांग की।
ग्रामीण व्यवस्था में पंचायत सहायकों की भूमिका
पंचायत सहायक ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करते हैं। वे पंचायत कार्यालय से जुड़े कई कामों में मदद करते हैं और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने में भूमिका निभाते हैं।
सरकारी योजनाओं के ऑनलाइन काम, दस्तावेजों से जुड़े कार्य और पंचायत स्तर के रिकॉर्ड संभालने जैसे कार्यों में पंचायत सहायकों की जिम्मेदारी रहती है। इसी वजह से पंचायत सहायकों का कहना है कि उनके काम के अनुसार सुविधाएं और सम्मान मिलना चाहिए।
मायावती ने सरकार को घेरा
बसपा प्रमुख मायावती ने पंचायत सहायकों के मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर सवाल भी खड़े किए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और संविदा कर्मियों की समस्याओं को समय रहते दूर करना जरूरी है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि पंचायत सहायकों की मांगों पर बातचीत कर उचित समाधान निकाला जाए। मायावती ने कहा कि किसी भी वर्ग की समस्याओं को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है।
पंचायत सहायकों में उम्मीद जगी
मायावती के बयान के बाद पंचायत सहायकों में अपनी मांगों को लेकर उम्मीद बढ़ी है। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबे समय से वे सरकार से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।
पंचायत सहायकों का कहना है कि कम मानदेय और काम के बढ़ते दबाव के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी जिम्मेदारियों और काम की प्रकृति को देखते हुए उचित फैसला ले।
सरकार के फैसले पर नजर
अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर है। पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे सरकार के साथ बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं। वहीं राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
पंचायत सहायकों का मामला अब प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। मायावती के समर्थन के बाद इस मुद्दे को और बल मिला है। अब देखना होगा कि सरकार 58 हजार पंचायत सहायकों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।
Next Story





