- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- आलापुर के सगे भाइयों...
आलापुर के सगे भाइयों ने मुक्केबाजी में रचा इतिहास राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीते पदक

अंबेडकरनगर। जिले के आलापुर क्षेत्र के सहिजना हमजापुर गांव के रहने वाले सगे भाई देवांश मिश्र और प्रशांत मिश्र ने मुक्केबाजी के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों भाइयों ने स्कूली खेलों की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर पदक हासिल किए हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
देवांश मिश्र और प्रशांत मिश्र ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर मुक्केबाजी में अलग पहचान बनाई है। कम उम्र में ही दोनों खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित की और कई बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर सफलता हासिल की।
देवांश मिश्र ने स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की वर्ष 2023-24 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता महाराष्ट्र के अकोला में आयोजित हुई थी, जिसमें देवांश ने 48-50 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया और बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।
राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद देवांश का आत्मविश्वास और बढ़ा। उन्होंने इसके बाद भी अपनी मेहनत जारी रखी और एसजीएफआई की वर्ष 2024-25 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में नोएडा में प्रतिभाग किया। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उन्होंने हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
देवांश की सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग अहम रहा है। उन्होंने मुक्केबाजी में बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार अपनी तकनीक, फिटनेस और खेल कौशल पर काम किया।
वहीं, उनके छोटे भाई प्रशांत मिश्र ने भी मुक्केबाजी में शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रशांत ने वर्ष 2024-25 में नोएडा में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में 52-54 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिभाग किया और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
इसके बाद प्रशांत ने महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित वर्ष 2025-26 की ओपन नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने 54-57 किलोग्राम भार वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता ने परिवार और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
प्रशांत ने एसजीएफआई की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन किया और 52-54 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया। लगातार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह भविष्य में मुक्केबाजी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता रखते हैं।
दोनों भाइयों की सफलता की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने देवांश और प्रशांत को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का कहना है कि दोनों खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत से गांव और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि दोनों भाइयों को बचपन से ही खेलों में रुचि थी। मुक्केबाजी के प्रति उनके जुनून और कड़ी मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि दोनों खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास करते हैं और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करते हैं।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि देवांश और प्रशांत जैसे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें तो वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। उनकी उपलब्धियां अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन दोनों भाइयों ने अपने हौसले और मेहनत से यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन और लगातार प्रयास से खिलाड़ी किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं।
देवांश और प्रशांत का लक्ष्य अब आने वाली प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन करना है। दोनों खिलाड़ी भविष्य में बड़े स्तर पर पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करना चाहते हैं। उनकी इस सफलता से क्षेत्र के अन्य युवा भी खेलों के प्रति प्रेरित हो रहे हैं।





