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मटननाला में नहाने गए भाई-बहन डूबे, मासूमों की तलाश में पुलिस ने चलाया सर्च अभियान

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। उदयपुर थाना क्षेत्र के गाड़ी दर्रा गांव के रहने वाले भाई-बहन मटननाला में स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने दोनों मासूमों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया, लेकिन काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चल सका।
जानकारी के अनुसार, गाड़ी दर्रा गांव निवासी कल्लू सिंह का आठ वर्षीय बेटा रामसिंह और 12 वर्षीय बेटी आईसी सोमवार सुबह करीब 10 बजे घर से निकले थे। दोनों गांव से लगभग 200 मीटर दूर स्थित बीरशाहपुर गांव के पास बने मटननाला में नहाने गए थे।
बताया जा रहा है कि दोनों भाई-बहन नहाते समय अचानक गहरे पानी की ओर चले गए। इसी दौरान रामसिंह का पैर गहराई में चला गया और वह डूबने लगा। भाई को पानी में डूबता देख उसकी बड़ी बहन आईसी उसे बचाने के लिए तुरंत आगे बढ़ी, लेकिन वह भी संतुलन खो बैठी और गहरे पानी में समा गई।
घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत दोनों बच्चों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी।
सूचना मिलते ही उदयपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों बच्चों की तलाश शुरू की। नहरनुमा मटननाला में काफी देर तक खोज अभियान चलाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी तक दोनों बच्चों का पता नहीं चल सका है। उनकी तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ गोताखोरों और बचाव दल की मदद लेने की तैयारी भी की जा रही है।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। मासूम भाई-बहन के डूबने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार, मटननाला बारिश के मौसम में पानी से भर जाता है और कई जगहों पर इसकी गहराई काफी अधिक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों को नदी, नहर या गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से रोकना जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों बच्चे नहाने के दौरान पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए और हादसे का शिकार हो गए।
बारिश के मौसम में जिले के कई नदी, नाले और तालाबों का जलस्तर बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन लगातार लोगों से अपील करता है कि वे बच्चों को गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से रोकें और सावधानी बरतें।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की जाए और लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बच्चे सामान्य दिनों की तरह नहाने के लिए गए थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह घटना इतनी भयावह हो जाएगी। भाई-बहन के बीच प्रेम का रिश्ता इस हादसे में दर्दनाक तरीके से सामने आया, जब भाई को बचाने की कोशिश में बहन भी पानी में डूब गई।
पुलिस और ग्रामीणों की टीम लगातार बच्चों की तलाश में जुटी हुई है। प्रशासन की ओर से भी बचाव कार्य की निगरानी की जा रही है।
फिलहाल पूरे गांव में शोक का माहौल है। हर कोई दोनों मासूम बच्चों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहा है। पुलिस का कहना है कि खोज अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक दोनों बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल जाती।
इस हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में जल स्रोतों के पास सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले नहीं जाने देना चाहिए और स्थानीय प्रशासन को भी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए।





