उत्तर प्रदेश

राहुल गांधी पर बृजभूषण का विवादित बयान

Kavita2
2 Nov 2026 10:09 AM IST
राहुल गांधी पर बृजभूषण का विवादित बयान
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बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में आयोजित क्षत्रिय स्वाभिमान महासम्मेलन के दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने राहुल गांधी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनकी राजनीतिक समझ और कार्यशैली पर सवाल उठाए। बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी को 'नाचने वाला बंदर' कहा और उनकी उम्र का उल्लेख करते हुए टिप्पणी की कि 55 साल का होने के बावजूद उनमें समझदारी नहीं आई है। यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में विपक्षी दलों की महारैली को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बृजभूषण शरण सिंह बागपत में आयोजित क्षत्रिय स्वाभिमान महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष में एक युवा नेता हैं, जिनकी उम्र अब 55 वर्ष हो चुकी है, लेकिन उनकी समझदारी को लेकर सवाल बने हुए हैं।

पूर्व सांसद ने अपने संबोधन में राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों की तुलना एक डाल से दूसरी डाल पर जाने से की। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यह नेता कभी एक डाल पर जाता है तो कभी दूसरी डाल पर। इस दौरान उन्होंने 'बंदर बाबा' जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया। उनकी टिप्पणी को राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर व्यक्तिगत कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष के साथ एक जिम्मेदार विपक्ष का होना जरूरी है। उनके मुताबिक, विपक्ष की भूमिका केवल सरकार की आलोचना करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे देश के विकास और जनहित के मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष अपनी जिम्मेदारी बेहतर ढंग से निभाता तो देश के विकास को और गति मिल सकती थी।

दिलचस्प बात यह रही कि राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधने के बावजूद बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस से अपने परिवार के पुराने संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके दादा वर्ष 1952 में कांग्रेस के विधायक रहे थे। इसी कारण कांग्रेस के प्रति उनके मन में सहानुभूति है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं कांग्रेस में नहीं हैं, लेकिन अपने परिवार के पुराने राजनीतिक संबंधों के कारण पार्टी की वर्तमान स्थिति देखकर उन्हें दुख होता है।

पूर्व सांसद ने दिल्ली में विपक्षी दलों की महारैली और राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ आंदोलनों के पीछे विदेशी फंडिंग का प्रभाव है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को लेकर भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और लोगों से ऐसे आंदोलनों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। हालांकि, विदेशी फंडिंग से संबंधित अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। इसलिए इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

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बागपत में आयोजित इस सम्मेलन में बृजभूषण शरण सिंह ने सामाजिक एकता और क्षत्रिय समाज की भूमिका पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी कमियों पर विचार करना चाहिए और दूसरे समुदायों के साथ अच्छे संबंध बनाने चाहिए। उन्होंने सामाजिक सहयोग और आपसी सम्मान को महत्व देने की बात कही।

उन्होंने अपने संबोधन में महाराणा प्रताप, महर्षि वाल्मीकि, वेदव्यास और गोस्वामी तुलसीदास जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक व्यक्तित्वों का भी उल्लेख किया। पूर्व सांसद ने कहा कि समाज के इतिहास और परंपराओं को समझने के साथ वर्तमान चुनौतियों पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

सम्मेलन में उन्होंने सोशल मीडिया पर जातीय विवाद और आपसी टकराव बढ़ाने वाली गतिविधियों पर भी चिंता जताई। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कुछ लोग सुरक्षा व्यवस्था का लाभ लेते हुए सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं और समाज को विभाजित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने ऐसे मामलों में कार्रवाई की मांग की।

इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मुद्दे को भी उठाया। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राज ठाकरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने उत्तर भारतीय श्रमिकों के साथ मारपीट की घटनाओं का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

बृजभूषण शरण सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट से कई बार सांसद निर्वाचित हुए हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण उनके सार्वजनिक बयान अक्सर राजनीतिक चर्चा का विषय बनते हैं।

रविवार को आयोजित क्षत्रिय स्वाभिमान महासम्मेलन का आयोजन बागपत के सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज के मैदान में किया गया था। कार्यक्रम में पहुंचने से पहले बृजभूषण शरण सिंह का हेलीकॉप्टर भाजपा नेता हरीश चौधरी के फार्महाउस पर उतरा, जहां स्थानीय नेताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। सम्मेलन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

राहुल गांधी पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी ने उनके संबोधन के राजनीतिक हिस्से को विशेष चर्चा में ला दिया है। लोकतांत्रिक राजनीति में नेताओं के बीच नीतियों और कार्यशैली को लेकर मतभेद सामान्य हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां अक्सर सार्वजनिक बहस का विषय बन जाती हैं।

बृजभूषण शरण सिंह के बयान का समय भी महत्वपूर्ण है। दिल्ली में विपक्षी दलों की महारैली के बीच उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए और आंदोलनों की फंडिंग को लेकर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस विशेष बयान के संबंध में तत्काल कोई पुष्ट प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल बागपत में दिया गया बृजभूषण शरण सिंह का संबोधन राजनीतिक चर्चा में है। राहुल गांधी की तुलना बंदर से करने, कांग्रेस के प्रति पारिवारिक सहानुभूति जताने और विपक्षी आंदोलनों पर विदेशी फंडिंग के आरोप लगाने जैसे अलग-अलग पहलुओं के कारण उनके बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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