- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- बैंकिंग सिस्टम में...
उत्तर प्रदेश
बैंकिंग सिस्टम में सेंध करोड़ों के जाली नोट मिलने से मचा हड़कंप
Ratna Netam
31 Aug 2026 9:35 PM IST

x
सहारनपुर : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये के जाली नोट मिलने के मामले ने बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित PNB करेंसी चेस्ट में जांच के दौरान 7 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक ने तीन मैनेजरों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की जा रही है।
बताया जा रहा है कि करेंसी चेस्ट में रखे नोटों की जांच और मिलान प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नकली नोटों का पता चला। करेंसी चेस्ट बैंकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं, जहां बड़ी मात्रा में नकदी रखी जाती है और फिर अलग-अलग शाखाओं में सप्लाई की जाती है। ऐसे में वहां जाली नोटों का मिलना सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
जांच के बाद सामने आया बड़ा मामला
मामले की जानकारी मिलने के बाद बैंक और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर करेंसी चेस्ट की जांच की और रिकॉर्ड खंगाले। नकदी की गिनती और सत्यापन का काम भी शुरू किया गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि कुल कितनी रकम में गड़बड़ी हुई है।
प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की संदिग्ध करेंसी मिलने के बाद बैंक प्रबंधन ने जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। अधिकारियों की भूमिका, नकदी के रखरखाव और जांच प्रक्रिया में हुई किसी भी लापरवाही की पड़ताल की जा रही है।
तीन मैनेजर निलंबित
मामले में कार्रवाई करते हुए पंजाब नेशनल बैंक ने तीन मैनेजरों को निलंबित कर दिया है। बैंक अधिकारियों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और समय रहते इसकी पहचान क्यों नहीं हो सकी।
बैंकिंग नियमों के अनुसार करेंसी चेस्ट में आने वाली नकदी की कई स्तरों पर जांच होती है। नोटों की जांच के लिए मशीनों और कर्मचारियों की टीम तैनात रहती है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में जाली नोट मिलने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
SIT करेगी पूरे मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विशेष जांच टीम (SIT) से जांच कराने का फैसला किया है। जांच टीम यह पता लगाएगी कि नकली नोट कहां से आए, इसमें किसी बैंक कर्मचारी की भूमिका है या नहीं और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
जांच के दौरान करेंसी चेस्ट के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों की गतिविधियों और नकदी के लेन-देन की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नकली नोटों के नेटवर्क पर भी नजर
जाली नोटों का मामला सिर्फ बैंक की लापरवाही तक सीमित नहीं माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि नकली नोट बैंक तक कैसे पहुंचे। अगर किसी बाहरी गिरोह की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की मौजूदगी देश की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। बैंकिंग सिस्टम में नकली मुद्रा की एंट्री रोकने के लिए लगातार आधुनिक तकनीक और सख्त निगरानी की जरूरत होती है।
बैंक ने शुरू की आंतरिक जांच
PNB की ओर से भी मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। बैंक अपनी सतर्कता व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों की जांच करता है और जरूरत पड़ने पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी देता है।
फिलहाल SIT जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस पूरे मामले में कितनी बड़ी लापरवाही हुई और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं। करोड़ों रुपये के जाली नोट मिलने की घटना ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
Next Story





